मायावती का तीखा वार, BSP न NDA में, न INDIA में,
मीडिया पर साजिश फैलाने का लगाया आरोप
26 days ago
Written By: Ashwani Tiwari
BSP Chief Mayawati: बहुजन समाज पार्टी (BSP) की मुखिया मायावती ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक बड़ा और तीखा बयान जारी किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि BSP न तो केंद्र की सत्ताधारी पार्टी बीजेपी के गठबंधन NDA का हिस्सा है, और न ही विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक में शामिल है। मायावती ने सीधे एक प्रमुख न्यूज चैनल का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि कुछ मीडिया संस्थान उनकी पार्टी के खिलाफ साजिश के तहत झूठी और भ्रामक खबरें फैला रहे हैं। उन्होंने इन खबरों को BSP की छवि बिगाड़ने की कोशिश बताया।
स्वतंत्र नीति और जनाधार से घबराए हैं कुछ लोग
मायावती ने साफ कहा कि BSP सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय के सिद्धांत पर चलते हुए हमेशा अपनी स्वतंत्र नीतियों के तहत काम करती रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी की इसी स्वतंत्रता और मजबूत जनाधार से कुछ ताकतें परेशान हैं। इन्हीं कारणों से कुछ खास मीडिया चैनल BSP के बारे में गलत खबरें चला रहे हैं, ताकि जनता में भ्रम फैले और पार्टी की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचे।
गठबंधन की राजनीति से फिर बनाई दूरी
अपने पोस्ट में मायावती ने दोहराया कि BSP किसी भी जातिवादी या अवसरवादी गठबंधन का हिस्सा नहीं बनेगी। उन्होंने कहा कि यह सर्वविदित है कि बहुजन समाज पार्टी न तो बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन में है और न ही कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया समूह में। BSP हमेशा अकेले चुनाव लड़ने में विश्वास रखती है, ताकि वह अपने सिद्धांतों से कोई समझौता न करे। यह बयान मायावती की उस नीति की याद दिलाता है, जिसमें वह बार-बार कह चुकी हैं कि BSP केवल उन दलों से हाथ मिलाएगी जो दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के उत्थान को प्राथमिकता दें।
मीडिया से की संयम बरतने की अपील
मायावती ने मीडिया से अपील की कि वे गलत और भ्रामक खबरें फैलाने से बचें और पत्रकारिता की गरिमा और निष्पक्षता को बनाए रखें। उन्होंने कहा कि BSP के खिलाफ पहले भी ऐसी साजिशें रची गईं, लेकिन पार्टी ने हर बार अपने जनसमर्थन के दम पर मुकाबला किया है। साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से कहा कि वे इन अफवाहों पर ध्यान न दें और सतर्क रहें। बता दें कि मायावती ने पहले भी 2023 में यह घोषणा की थी कि BSP 2024 का लोकसभा चुनाव अकेले लड़ेगी। हालांकि कभी-कभार उन्होंने गठबंधन के संकेत दिए, लेकिन यह भी स्पष्ट किया कि ऐसा तभी संभव है जब दूसरा दल वंचित वर्गों के हितों के लिए गंभीर हो। इस बार भी उन्होंने यही रुख दोहराया है।