सपा विधायक ने सुनाया पत्नी का दर्दभरा किस्सा,
सदन में CM योगी से लेकर स्पीकर तक नहीं रोक पाए हंसी
19 days ago
Written By: Ashwani Tiwari
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन समाजवादी पार्टी के विधायकों ने शिक्षा से जुड़े कई मुद्दों पर सरकार से सवाल किए। इनमें स्कूल मर्जर, शिक्षामित्रों के मानदेय और शिक्षकों की सैलरी प्रमुख रहे। इस दौरान एक सपा विधायक ने शिक्षामित्रों से जुड़ा ऐसा किस्सा सुनाया कि पूरा सदन ठहाकों से गूंज उठा। विधायक ने बताया कि एक शिक्षामित्र ने उनसे रोते हुए कहा कि मैं हर साल पत्नी को भरोसा दिलाता था कि सरकार मानदेय बढ़ा देगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ, और आखिरकार पत्नी मुझे छोड़कर चली गई। इस पर विधानसभा स्पीकर सतीश महाना ने शिक्षा मंत्री से मजाकिया अंदाज में कहा कि सभी सवालों का जवाब दें, बस पत्नी वाला छोड़कर।
कोई भी स्कूल नहीं होगा बंद – शिक्षा मंत्री
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने सपा विधायकों के सवालों का जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि राज्य में कोई भी बेसिक स्कूल बंद नहीं किया जाएगा। उन्होंने बच्चों के नामांकन की आयु घटाने से भी इनकार किया, यह कहते हुए कि यह राष्ट्रीय मानक है कक्षा 1 में प्रवेश के लिए बच्चा 6 वर्ष का और कक्षा 8 तक 14 वर्ष का होना चाहिए। इसी आधार पर शिक्षा के अधिकार के तहत आठवीं तक अनिवार्य शिक्षा दी जा रही है।
शिक्षक-छात्र अनुपात और मर्जर पर सरकार का पक्ष
मंत्री ने बताया कि वर्तमान में प्राथमिक विद्यालयों में 1.93 लाख बच्चे, 3.38 लाख शिक्षक और 1.43 लाख शिक्षामित्र तैनात हैं। उच्च और प्राथमिक स्तर पर 30 छात्रों पर एक शिक्षक और उच्च स्तर पर 35 छात्रों पर एक शिक्षक का अनुपात है। मर्जर की प्रक्रिया में 50 बच्चों पर तीन शिक्षण कर्मी होंगे। वहीं दो शिक्षक और एक शिक्षामित्र। जहां कमी होगी, वहां अतिरिक्त स्टाफ उपलब्ध कराया जाएगा।
पास-पास के स्कूलों का किया गया मर्ज
सरकार ने स्पष्ट किया कि एक भी विद्यालय को बंद करने का निर्णय नहीं हुआ है। केवल ऐसे मामलों में मर्जर किया गया है जहां एक किलोमीटर के दायरे में दो से तीन विद्यालय थे। इससे संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल होगा और शिक्षा की गुणवत्ता पर कोई असर नहीं पड़ेगा।