वो तो व्यापारियों ने दिखाया सब्र, वरना...
सदन में CM योगी ने किस मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष को सुनाई दो-टूक
20 days ago
Written By: Ashwani Tiwari
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन ही गोरखपुर के विरासत गलियारे को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आमने-सामने आ गईं। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने आरोप लगाया कि जब वे वहां व्यापारियों की समस्याएं सुनने गए तो उनके साथ अभद्रता हुई और उनकी गाड़ी तोड़ने की कोशिश की गई। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जवाब देते हुए कहा कि पांडेय बिना बुलाए पहुंचे थे और व्यापारियों ने खुद विरोध किया था, क्योंकि उन्हें आशंका थी कि विकास कार्य में बाधा डाली जाएगी।
नेता प्रतिपक्ष का आरोप – मुआवजा नहीं, अभद्रता जरूर
माता प्रसाद पांडेय ने सदन में कहा कि गोरखपुर के व्यापारियों ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव से शिकायत की थी कि उनकी दुकानें तोड़ी जा रही हैं और मुआवजा नहीं दिया जा रहा। इसी के बाद वे मौके पर पहुंचे, लेकिन वहां उन्हें रोकने की कोशिश हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और तभी उनके समर्थकों के आने पर पुलिस ने हस्तक्षेप किया। पांडेय ने कहा कि लोकतंत्र में मुख्यमंत्री के क्षेत्र में उनकी पार्टी के लोग इस तरह का बर्ताव करेंगे तो लोकतंत्र कैसे सुरक्षित रहेगा।
सीएम योगी का पलटवार – विकास में बाधा डालना सपा की आदत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाजवादी पार्टी और लोकतंत्र नदी के दो अलग किनारे हैं। उन्होंने पांडेय को सलाह दी कि वरिष्ठ होने के नाते वे किसी का मोहरा न बनें। सीएम ने बताया कि तीन दिन पहले वे खुद विरासत गलियारे में व्यापारियों से मिले थे और सभी को मुआवजा देने की बात हो चुकी थी। यह इलाका पुराना बाजार है, जहां अतिक्रमण और भीड़ की वजह से सड़क चौड़ीकरण जरूरी है।
व्यापारियों ने क्यों किया विरोध
सीएम योगी के मुताबिक, पांडेय का विरोध बीजेपी ने नहीं, बल्कि व्यापारियों ने किया था। वजह यह थी कि सपा सरकारों के दौरान व्यापारियों से गुंडा टैक्स वसूला जाता था और उन्हें डर था कि विकास कार्य में रुकावट डाली जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर कोई और होता तो जवाब और सख्त मिल सकता था, क्योंकि सपा से सुरक्षा और विकास की उम्मीद करना ही बेकार है।