डिप्टी CM पर भड़के मंत्री के पति, बोले- ब्राह्मणों की रक्षा नहीं कर सकते,
अखिलेश ने कसा तंज
1 months ago
Written By: Ashwani Tiwari
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। कानपुर की अकबरपुर लोकसभा सीट पर बीजेपी के भीतर कलह खुलकर सामने आ गई है। इस विवाद के बाद समाजवादी पार्टी समेत पूरा विपक्ष सरकार पर हमलावर हो गया है। मामला तब शुरू हुआ जब उत्तर प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला और उनके पति व पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी अपने ही पार्टी के सांसद और डिप्टी सीएम पर बरस पड़े। एफआईआर न दर्ज होने पर दोनों थाने पहुंच गए और पुलिस से लेकर पार्टी नेतृत्व तक सब पर सवाल उठाए।
एफआईआर न होने पर भड़के पूर्व सांसद और मंत्री
दरअसल, यह पूरा विवाद उस वक्त शुरू हुआ जब वारसी के एक कार्यकर्ता की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। आरोप है कि न तो पुलिस ने फोन उठाया और न ही शिकायत को गंभीरता से लिया। इससे नाराज होकर अनिल शुक्ला वारसी और उनकी पत्नी राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला आधी रात को थाने पहुंच गए और पुलिस अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई।
प्रतिभा शुक्ला का आरोप: पुलिस कर रही है फर्जी केस
राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अकबरपुर कोतवाली की पुलिस फर्जी मुकदमे दर्ज कर रही है और बीजेपी कार्यकर्ताओं से बदसलूकी कर रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस जानबूझकर पार्टी कार्यकर्ताओं को निशाना बना रही है और न्याय नहीं मिल रहा।
डिप्टी सीएम से शिकायत पर और बढ़ा विवाद
बता दें कि विवाद तब और बढ़ गया जब पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को फोन किया और उनसे बात करते हुए कहा कि आप लोगों को ब्राह्मणों की सुरक्षा के लिए बनाया गया है, लेकिन आप कुछ नहीं कर पा रहे हैं। इस पर डिप्टी सीएम ने बीच में ही उनका फोन काट दिया। इसके बाद विपक्ष को सरकार पर हमला बोलने का मौका मिल गया।
अखिलेश यादव ने किया तंज
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इस पूरे मामले को लेकर बीजेपी पर तंज कसते हुए एक्स पर लिखा कि DCM साहब पहले अपने लोगों पर दें ध्यान, उसके बाद दें दूसरों को ज्ञान. पहले दो DCM में केवल एक डपट खाने वाले डपटी सीएम थे अब दो हो गये हैं। वहीं उन्होंने इस झगड़े को बीजेपी की आंतरिक कलह का नतीजा बताया।