डिप्टी CM ब्रजेश पाठक का सर्जिकल स्ट्राइक, चार डॉक्टर बर्खास्त,
तीन पर विभागीय कार्रवाई
29 days ago
Written By: Ashwani Tiwari
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में शनिवार को बड़ी हलचल मच गई जब डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कदम उठाए। बिना किसी पूर्व सूचना के लंबे समय तक ड्यूटी से गायब रहने वाले चार डॉक्टरों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया। इसके अलावा तीन अन्य डॉक्टरों पर विभागीय कार्रवाई शुरू हुई है और एक डॉक्टर से स्पष्टीकरण मांगा गया है। यह कार्रवाई पीलीभीत, शाहजहांपुर, अंबेडकरनगर, कन्नौज, मैनपुरी, प्रयागराज और मथुरा जिलों में की गई है।
बिना सूचना ड्यूटी से गायब थे चार डॉक्टर
स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने डिप्टी सीएम के निर्देश पर जिन डॉक्टरों को बर्खास्त किया, उनमें शामिल हैं:
- डॉ. राजकुमार, बाल रोग विशेषज्ञ, जिला चिकित्सालय, पीलीभीत
- डॉ. विनय कुमार सैनी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जलालाबाद, शाहजहांपुर
- डॉ. शशि भूषण डोभाल, अंबेडकरनगर
- डॉ. अवनीश कुमार सिंह, सहायक आचार्य, हड्डी रोग विभाग, कन्नौज मेडिकल कॉलेज
इन सभी पर यह आरोप था कि वे बिना सूचना के लंबे समय तक अपने कार्यस्थल से अनुपस्थित रहे।
तीन डॉक्टरों पर विभागीय जांच, एक से मांगा गया जवाब
तीन अन्य डॉक्टरों पर भी स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बरतने और समय पर ड्यूटी न निभाने के आरोप लगे हैं:
- डॉ. राखी सोनी, दंत शल्यक, किशनी सीएचसी, मैनपुरी
- डॉ. आनंद सिंह, डिप्टी सीएमओ, प्रयागराज (महाकुंभ के बाद सफाई में लापरवाही)
- डॉ. अशोक कुमार, छाता सीएचसी, मथुरा (गंभीर मरीज के इलाज में लापरवाही)
इन डॉक्टरों को दोषी पाते हुए उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
ओपीडी समय पर न चलाने पर मांगा जवाब
कन्नौज राजकीय मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. डीसी श्रीवास्तव पर ओपीडी समय से न चलाने का आरोप लगा है। डिप्टी सीएम ने उनसे तत्काल स्पष्टीकरण मांगा है।
स्वास्थ्य मंत्री ने दिया कड़ा संदेश
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने साफ कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही या अनुशासनहीनता अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो भी डॉक्टर अपनी जिम्मेदारी से भागेंगे, उन पर सख्त कार्रवाई होगी। यह सब जीरो टॉलरेंस नीति के तहत किया जा रहा है ताकि आम जनता को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।