बिजली विभाग में बगावत! AK शर्मा बोले- कर्मचारियों के वेश में छिपे हैं सुपारीबाज,
अराजक तत्व कर रहे हैं मेरी छवि खराब
1 months ago
Written By: Ashwani Tiwari
UP Energy Minister AK Sharma: उत्तर प्रदेश के ऊर्जा विभाग में इस समय घमासान मचा हुआ है। एक तरफ मंत्री अरविंद कुमार शर्मा लगातार जनसभाओं में अधिकारियों को चेतावनी दे रहे हैं, तो दूसरी ओर विभाग के भीतर ही उनके खिलाफ विरोध के सुर तेज होते जा रहे हैं। इसी बीच एके शर्मा ऑफिस नाम से एक्स पर किया गया एक लंबा पोस्ट सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। खास बात यह है कि खुद ऊर्जा मंत्री ने इस पोस्ट को अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से रीपोस्ट किया है, जिससे यह पोस्ट और अधिक गंभीरता से लिया जा रहा है।
पोस्ट में साजिश का दावा
पोस्ट में सीधा आरोप लगाया गया है कि ऊर्जा मंत्री को बदनाम करने की एक संगठित साजिश चल रही है। इसमें कुछ बिजली कर्मचारी नेता और अराजक तत्व शामिल बताए गए हैं। आरोप है कि ये वे ही लोग हैं जिन्होंने बिजली विभाग की छवि को खराब किया है। पोस्ट में लिखा गया है कि मंत्री के झुकने से नाराज ये तत्व पहले के मंत्रियों की तरह समझौता न करने के कारण एके शर्मा को निशाना बना रहे हैं।
हड़ताल और प्रदर्शन की पुरानी कहानी
पोस्ट में यह भी बताया गया है कि मंत्री बनने के तीन दिन के भीतर ही पहली हड़ताल की योजना बनाई गई थी। अब तक उनके तीन साल के कार्यकाल में चार बार हड़ताल हो चुकी है। इनमें से कई बार हड़ताल को हाईकोर्ट के हस्तक्षेप से रोका गया। कुछ दिन पहले इन्हीं अराजक तत्वों ने मंत्री के आवास के बाहर निजीकरण के विरोध में छह घंटे तक प्रदर्शन किया और मंत्री व उनके परिवार के लिए अभद्र भाषा का उपयोग किया। जबकि, मंत्री ने उन्हें मीटिंग में बुलाकर न सिर्फ मिठाई खिलाई, बल्कि ढाई घंटे का समय भी दिया।
निजीकरण को लेकर सवालों की बौछार
पोस्ट में बिजली विभाग के निजीकरण के मुद्दे पर यूनियन नेताओं से तीखे सवाल किए गए हैं। पूछा गया है कि जब 2010 में आगरा को टोरेंट कंपनी को सौंपा गया, तब विरोध क्यों नहीं हुआ? साथ ही यह भी पूछा गया कि जब मंत्री जेई का तबादला तक नहीं कर सकते, तो वे निजीकरण का फैसला अकेले कैसे ले सकते हैं?