UP में ना स्कूल बंद होंगे, ना शिक्षक पद खत्म होंगे, शिक्षा मंत्री ने विपक्ष को दिया करारा जवाब,
स्कूल मर्जर का बताया असली मकसद
1 months ago
Written By: Ashwani Tiwari
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने गुरुवार को एक विस्तृत बयान जारी कर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों को जनता के सामने रखा। उन्होंने साफ कहा कि सरकार न सिर्फ बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए गंभीर है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में भी काम कर रही है। मंत्री ने स्कूल मर्जर, शिक्षक भर्ती, निपुण भारत मिशन, बाल वाटिका योजना, और जर्ज़र स्कूलों के नवीनीकरण जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।
छात्रों के हित में स्कूल मर्जर
संदीप सिंह ने कहा कि स्कूलों के मर्जर का फैसला छात्रों के हित में लिया गया है, जिससे छात्र-शिक्षक अनुपात सुधरे और संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके। उन्होंने बताया कि प्रदेश में ऐसे 10,000 स्कूलों को मर्ज किया जा रहा है जहां 50 से कम छात्र हैं। यह निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत लिया गया है, और यह प्रक्रिया अगले एक सप्ताह में पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि 1 किलोमीटर से अधिक दूर वाले स्कूल मर्ज नहीं होंगे। बता दें कि मंत्री ने कहा कि विपक्ष के स्कूल बंद होने के दावे पूरी तरह गलत और भ्रामक हैं। सरकार ने तय किया है कि खाली स्कूलों में प्री-प्राइमरी शिक्षा के लिए बाल वाटिका शुरू की जाएगी, जो भविष्य में छात्र संख्या बढ़ने पर फिर से उपयोग में लाई जाएगी।
निपुण भारत मिशन और इंग्लिश शिक्षा में प्रगति
संदीप सिंह ने बताया कि प्रदेश के 46,000 से अधिक स्कूल निपुण घोषित किए जा चुके हैं। अब हर सरकारी स्कूल में अंग्रेजी पढ़ाई जा रही है। उन्होंने विपक्ष की पीडीए पाठशाला की आलोचना करते हुए कहा कि पिछली सरकारों ने बच्चों को बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित रखा था।
शिक्षक भर्ती और समायोजन पर स्पष्टता
69,000 शिक्षक भर्ती को लेकर मंत्री ने कहा कि सरकार कोर्ट के आदेशों का पालन कर रही है। 20,182 शिक्षकों का समायोजन पहले ही सहमति से हो चुका है और स्वीकृत पदों को किसी भी हालत में खत्म नहीं किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जरूरत के अनुसार नई भर्तियां जारी रहेंगी। शिक्षा मंत्री ने आगे बताया कि अब तक 7,000 से ज्यादा जर्ज़र स्कूलों की मरम्मत की जा चुकी है। हालांकि सभी स्कूलों को एक साथ दुरुस्त करना संभव नहीं है, लेकिन सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है।
बाल वाटिका योजना से छोटे बच्चों को मिलेगा लाभ
दरअसल, 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए बाल वाटिका योजना लागू की जा रही है। मंत्री ने कहा कि 15 अगस्त तक राज्य में खाली पड़े स्कूलों में बाल वाटिका की शुरुआत होगी। यहां खेल सामग्री और प्रशिक्षित शिक्षक उपलब्ध कराए जाएंगे। वहीं मंत्री ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी शिकायतें बीएसए कार्यालय में दर्ज कराएं। सरकार ने त्वरित समाधान के लिए व्यवस्था बनाई है और शिकायतों को प्राथमिकता से हल किया जाएगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति का अनुपालन और बदलाव
संदीप सिंह ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में शिक्षा व्यवस्था में जमीन-आसमान का फर्क आया है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 27.53 लाख बच्चों का नया नामांकन हुआ, जो सरकारी स्कूलों पर बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
सपा पर सीधा हमला
बता दें कि अंत में मंत्री ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके शासन में स्कूलों में बिजली, पानी, और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं भी नहीं थीं। जबकि आज स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी और बेहतर ढांचा बच्चों को बेहतर भविष्य दे रहा है।