जिस दारोगा को मिली जांच की जिम्मेदारी वही देने लगा वादी को धमकी,
निराश व्यापारी ने कर ली आत्महत्या, सुसाइड नोट से खुला राज
1 months ago
Written By: आदित्य कुमार वर्मा
जनपद गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र के आकाश नगर कॉलोनी में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां मंडी में आढ़त का काम करने वाले 61 वर्षीय व्यापारी योगेंद्र राघव उर्फ पप्पू ने घर में रखी लाइसेंसी बंदूक से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली है। वहीं घटना के बाद मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें उन्होंने अपनी मौत के लिए व्यापार साझेदारों के साथ-साथ एक पुलिस अधिकारी को भी जिम्मेदार ठहराया है।
व्यापारिक तनाव बना आत्महत्या की वजह
पुलिस जांच के मुताबिक, योगेंद्र राघव ने कुछ समय पहले राशिद नामक व्यक्ति के साथ साझे में बिजनेस शुरू किया था। लेकिन जल्द ही पैसे के लेन-देन को लेकर विवाद शुरू हो गया। मामला इतना बढ़ा कि दोनों ने कारोबार का बंटवारा कर लिया। इसके बावजूद, योगेंद्र पर राशिद की ओर से बार-बार हिसाब चुकता करने का दबाव बनाया जाने लगा। सुसाइड नोट में व्यापारी ने आरोप लगाया है कि राशिद ने उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और मंडी में बदनाम किया, जिससे वे बेहद तनाव में आ गए थे।
पुलिस पर गंभीर आरोप
योगेंद्र ने इस पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर की थी। बाद में जांच का जिम्मा लिंक रोड थाना क्षेत्र के रेलवे रोड चौकी इंचार्ज लालचंद कन्नौजिया को सौंपा गया। सुसाइड नोट में व्यापारी ने चौकी इंचार्ज पर राशिद से मिलकर पक्षपात करने और रिश्वत लेकर फैसला राशिद के पक्ष में देने का गंभीर आरोप लगाया है। यह भी आरोप है कि दरोगा लालचंद ने योगेंद्र को समझौते पर जबरन हस्ताक्षर करने का दबाव डाला, और मना करने पर उनके बेटे को जेल भेजने की धमकी दी।
सुसाइड नोट में सीएम से न्याय की अपील
मरने से पहले योगेंद्र ने एक विस्तृत सुसाइड नोट लिखा, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की अपील की। उन्होंने पांच लोगों राशिद, राशिद का भाई सानू, अतुल मुनीम, दरोगा लालचंद कन्नौजिया और कल्लू को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। मृतक ने लिखा है कि इन सभी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि उनके परिवार को इंसाफ मिल सके।
बेटा बोला – पांच लोगों ने आत्महत्या के लिए उकसाया
वहीं मृतक के बेटे ने पुलिस को दी शिकायत में इन्हीं पांच लोगों को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी बताया है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है। वहीं, स्थानीय लोगों और व्यापारियों में भी इस घटना को लेकर आक्रोश और दुःख देखा जा रहा है।