अब वृंदावन में पुलिस के QR कोड बताएगा ई-रिक्शा का रास्ता,
सुरक्षित होगा पब्लिक ट्रांसपोर्ट
1 months ago
Written By: आदित्य कुमार वर्मा
कृष्ण नगरी वृंदावन में अब ई-रिक्शा चालकों को अपनी पहचान के लिए आधार कार्ड वाहन पर चिपकाने की जरूरत नहीं होगी। इसके स्थान पर अब हर ई-रिक्शा पर एक QR कोड चस्पा किया जाएगा, जिसमें चालक का पूरा विवरण, रूट और पहचान से जुड़ी जानकारी डिजिटल रूप में दर्ज रहेगी। यह व्यवस्था साइबर ठगी से बचाव और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के उद्देश्य से की गई है।
अब QR कोड में होगा सब कुछ
ई-रिक्शा संचालन समिति के सदस्य ताराचंद गोस्वामी ने इस प्रस्ताव को लेकर SSP श्लोक कुमार से मुलाकात की थी। उन्होंने यह चिंता जताई कि ई-रिक्शा पर आधार कार्ड लगाने से साइबर अपराध की आशंका बनी रहती है क्योंकि आधार डेटा का गलत इस्तेमाल कर बैंक खातों से पैसे निकाले जा सकते हैं। SSP ने इस बात को गंभीरता से लेते हुए QR कोड प्रणाली को स्वीकृति दी।
1500 ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन पूरा
अब तक करीब 1500 ई-रिक्शा रजिस्टर्ड हो चुके हैं, जिन पर चरणबद्ध तरीके से QR कोड लगाए जाएंगे। ये ई-रिक्शा शहर के आठ तय रूटों पर चलेंगे। QR कोड में चालक का नाम, ड्राइविंग लाइसेंस, फोटो, रूट और रजिस्ट्रेशन नंबर शामिल रहेगा।
पुलिस और यात्री कर सकेंगे वेरिफाई
इस QR कोड को पुलिसकर्मी और समिति के सदस्य स्कैन कर रिक्शा और चालक की पहचान तुरंत कर सकेंगे। इससे न सिर्फ सुरक्षा मजबूत होगी बल्कि व्यवस्था भी अधिक पारदर्शी और सुलभ बनेगी।
यातायात होगा सुचारू और सुरक्षित
शहर में बढ़ती भीड़ और अनियंत्रित यातायात को देखते हुए यह कदम यातायात को सुचारू बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगा। QR कोड से यह भी तय होगा कि कौन सा ई-रिक्शा किस मार्ग पर चल सकता है, जिससे अराजकता और अव्यवस्था पर भी लगाम लगेगी।