सोमवारी पर आस्था नहीं मौत की गोद में पहुंचे श्रद्धालु,
बाराबंकी के औसानेश्वर महादेव मंदिर में भगदड़
1 months ago
Written By: आदित्य कुमार वर्मा
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी ज़िले में सावन के तीसरे सोमवार को औसानेश्वर महादेव मंदिर में उस समय भगदड़ मच गई जब जलाभिषेक के दौरान मंदिर परिसर में करंट फैल गया। हादसे में दो श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 29 लोग घायल हुए हैं। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। हादसा रविवार देर रात करीब 2:30 बजे हुआ जब हजारों श्रद्धालु लाइन में लगे हुए थे।
करंट फैलने से मचा हड़कंप
जिला प्रशासन के अनुसार, हादसा उस वक्त हुआ जब मंदिर परिसर में लगे टिन शेड पर एक बिजली का तार टूटकर गिर गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. अवधेश यादव ने बताया कि हादसे के बाद पुलिसकर्मियों ने तुरंत घायलों को हैदरगढ़ सीएचसी, त्रिवेदीगंज और कोठी सीएचसी में पहुंचाया। पांच गंभीर घायलों का इलाज जिला अस्पताल में जारी है। डीएम शशांक त्रिपाठी ने बताया कि बंदरों के तार पर कूदने से तार टूट गया था, जो सीधे मंदिर परिसर में लगे टिन शेड पर गिरा और पूरे क्षेत्र में करंट फैल गया। करंट की चपेट में आकर प्रशांत कुमार (16) और रमेश कुमार (35) की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे के वक्त मौजूद थे हजारों श्रद्धालु
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंदिर परिसर में उस वक्त करीब तीन हजार लोग दर्शन के लिए लाइन में लगे थे। अफरा-तफरी में कई लोग एक-दूसरे पर गिर पड़े और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
दर्दनाक गवाही: “साहब, मेरी बेटी बचा लो”
हादसे में घायल पलक की मां ने जिला अस्पताल में पहुंचकर रोते हुए सीएमओ से गुहार लगाई, “साहब, मेरी बेटी अस्पताल में पड़ी है, उसका अच्छा इलाज हो जाए बस। हमें और कुछ नहीं चाहिए।”
प्रशासन की लापरवाही के आरोप
मृतक रमेश कुमार के भाई मूलचंद ने बताया कि हादसे से पहले एक तार से धुआं उठता दिखा था, जिसकी सूचना पुलिस को दी गई थी। लेकिन पुलिस ने इसे नजरअंदाज करते हुए कहा कि “लोड ज़्यादा है, इसलिए ऐसा हो रहा है।” वही तार बाद में टूटकर गिरा और करंट फैल गया। चश्मदीद शालिनी देवी ने बताया कि जब वे जल चढ़ाने जा रही थीं, तभी पुलिस ने डंडा मारकर टिन शेड को हटाने की कोशिश की, जिससे तार गिरा और करंट फैल गया। मंदिर कमेटी के महंत विजय गिरि ने कहा कि मंदिर रात 1 बजे खोला गया था, और 2 बजे के आसपास बंदरों की वजह से तार टूटा जिससे हादसा हुआ।
5-5 लाख सरकारी सहायता का ऐलान
वहीं हादसे केन बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को ₹5-5 लाख की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। वहीं डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी घटना को दुखद बताते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, इसलिए मंदिरों में व्यवस्थाओं को और मज़बूत करने की आवश्यकता है।
हादसे के बाद फिर लगी दर्शनार्थियों की कतार
वहीं घटना के दो घंटे बाद स्थिति सामान्य हो गई और श्रद्धालु फिर से लाइन में लगकर जलाभिषेक करने लगे। लेकिन सवाल उठता है कि, क्या श्रद्धा के आगे व्यवस्था हमेशा कमजोर ही रहेगी?