टल सकता है यूपी में पंचायत चुनाव !
विभाग ने पत्र लिखकर मांगा स्पष्टीकरण
1 months ago
Written By: आदित्य कुमार वर्मा
उत्तर प्रदेश में इस बार पंचायत चुनाव अपने निर्धारित समय पर होते नहीं दिख रहे हैं। शासन स्तर पर चल रही समीक्षा बैठकों और विभागीय पत्राचार से संकेत मिल रहे हैं कि पंचायत चुनाव को स्थगित करने की तैयारी चल रही है। कारण है नगरीय क्षेत्रों की सीमा विस्तार की प्रक्रिया और 97 नए नगरीय निकायों का गठन, जिससे चुनाव प्रक्रिया बाधित हो सकती है।
नगरीय निकायों के विस्तार से उलझा चुनावी कार्यक्रम
नगर विकास विभाग द्वारा 107 नगरीय निकायों के सीमा विस्तार की कार्यवाही शुरू की गई है, जिससे पंचायतों की मौजूदा सीमाओं और अधिकार क्षेत्रों पर सीधा असर पड़ रहा है। यही वजह है कि पंचायतीराज विभाग ने 22 जुलाई को राज्य निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर यह स्पष्ट करने की मांग की है कि वार्डों के पुनर्गठन के बीच मतदाता सूची के पुनरीक्षण का काम रुके या न रुके। आयोग की तरफ से अभी तक इस पत्र का जवाब नहीं मिला है।
चुनाव आयोग ने नहीं रोका पुनरीक्षण कार्य
राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को फिलहाल जारी रखा है, और प्रदेश के सभी जिलों में संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार बैठकें की जा रही हैं। हालांकि अंतिम निर्णय शासन स्तर की उच्च स्तरीय बैठक के बाद ही लिया जाएगा, लेकिन वह बैठक अभी तक नहीं हो सकी है। इससे पंचायत चुनाव को लेकर अनिश्चितता और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
एमएलसी चुनाव की तैयारियां तेज़
जहां एक ओर पंचायत चुनाव को लेकर स्थिति साफ नहीं है, वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं। वर्ष 2025 के दिसंबर में स्नातक और शिक्षक क्षेत्रों की 11 सीटें रिक्त होनी हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने इस चुनाव के लिए मतदान केंद्रों के चयन और मतदाता सूची पुनरीक्षण के निर्देश भी जारी कर दिए हैं। इससे यह स्पष्ट है कि प्रदेश में एक ओर एमएलसी चुनाव की प्रक्रिया को लेकर प्रशासनिक सक्रियता है, वहीं दूसरी ओर पंचायत चुनाव की राह फिलहाल साफ नहीं दिख रही।
आगे क्या ?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नए निकायों का गठन और सीमा विस्तार की प्रक्रिया जल्द पूरी नहीं होती, तो पंचायत चुनाव को अगली तिथि तक स्थगित करना अनिवार्य हो जाएगा। अब सबकी निगाहें शासन की उस उच्चस्तरीय बैठक पर टिकी हैं, जो इस असमंजस को समाप्त कर कोई अंतिम निर्णय ले सके।