लापरवाह जिम्मेदारों के कसे जाएंगे पेंच… बर्दाश्त नहीं की जाएगी विकास में कारगुजारी…
समीक्षा के दौरान योगी के मंत्री ने दिए कड़े निर्देश
30 days ago
Written By: विनय के. सिंह
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है, कि राज्य में लंबित पर्यटन परियोजनाओं को प्राथमिकता देते हुए तय समय सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। मंत्री ने स्पष्ट किया, कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने विकास कार्यों में शिथिलता बरतने वाले ठेकेदारों, आर्किटेक्ट आदि पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए उनके विरुद्ध सख्त कार्यवाही के निर्देश भी दिए है ।
बर्दाश्त नहीं की जाएगी लापारवाही
लखनऊ में एक समीक्षा बैठक के दौरान पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा है कि, पर्यटन विभाग की योजनाओं एवं कार्यक्रमों का क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर दिखना चाहिए। पर्यटन मंत्री ने समीक्षा बैठक में कहा कि राज्य सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं और आधारभूत ढांचे के विस्तार पर विशेष जोर दे रही है। इन प्रयासों का उद्देश्य धार्मिक स्थलों को बेहतर बनाकर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के अनुभव को समृद्ध करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए, कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कार्यों में हीलाहवाली बरतने वाले ठेकेदारों व आर्किटेक्ट्स को चिन्हित कर कड़ी कार्यवाही भी की जाए।
कार्य प्रगति पर प्रसन्न हुए मंत्री
जयवीर सिंह मंत्री ने वर्चुअल निरीक्षण के जरिए बुलंदशहर, चित्रकूट के सोमनाथ शिव मंदिर, फिरोजाबाद के मदनपुर में यमुना नदी के किनारे निर्माण कार्यों, गोंडा जिले में विकास कार्यों, गोरखपुर में बन रहा प्रदेश का पहला स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (एसआईएचएम), झांसी के बुद्ध विहार विपश्यना केंद्र, मथुरा के गोकुल नगर पंचायत में निर्माणाधीन भवन आदि का जायजा लिया। इस दौरान मंदिर के पुजारी, विपश्यना केंद्र के भंते आदि ने पर्यटन मंत्री से बातचीत में कार्य प्रगति पर प्रसन्नता जाहिर की।
विदेशियों को आकर्षित करें जिले के पर्यटन स्थल
पर्यटन मंत्री ने टेंडर प्रक्रिया, कार्य पूर्णता, समय सीमा के भीतर पर्यटन विकास कार्यों को लेकर अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा, कि प्रदेश के अल्पज्ञात पर्यटन स्थलों को विकसित और इको टूरिज्म की संभावनाओं को सशक्त किया जाए। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि हर जिले के वैसे पर्यटन स्थल जो देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करते हों, उनका प्राथमिकता के आधार पर विकास किया जाए।प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति मुकेश कुमार मेश्राम ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिम्मेदारों को मानकों के अनुरूप कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन भवनों में लगने वाले टाइल्स, हैंडल, उपकरण, कैफेटेरिया, आगंतुकों के बैठने के लिए बेंच, शौचालय, सौंदर्यीकरण एवं साइनेज जैसे सभी कार्यों में उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित किया जाए। प्रमुख सचिव ने तय समय सीमा में सभी कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए। मंत्री ने इस दौरान गोमती नगर स्थित उप्र0 पर्यटन भवन में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यों की समीक्षा भी की। इस बैठक में प्रमुख सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य मुकेश कुमार मेश्राम, विशेष सचिव पर्यटन ईशा प्रिया, पर्यटन सलाहकार जेपी सिंह के अलावा विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।