बलिया से वायरल हुए DSP के रौद्र रूप के वीडियो का सच क्या?
सख्ती न करती पुलिस तो जा सकती थी एम्बुलेंस से अस्पताल जा रहे निर्दोष की जान
1 months ago
Written By: आदित्य कुमार वर्मा
बलिया से एक DSP का लोगों से बहस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें बलिया जनपद के बांसडीह DSP प्रभात कुमार एक मृतक के परिजनों से “आज आरोपी की गिरफ़्तारी हो जाएगी, अगर बात के पक्के नहीं होते तो अट्ठारह साल से DSP नहीं होते, नेश्त्नाबूत कर देंगे।" जैसे शब्दों का प्रयोग करते देखे जा रहें हैं। जिसके बाद उनको सोशल मीडिया पर उनकी इन बातों को लेकर काफी ट्रोल किया जा रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद यूपी न्यूज़ ने उसकी पड़ताल की…
करंट लगने से हुई थी मौत
यूपी न्यूज़ ने जब इन दावों की पड़ताल शुरू की तो हमारे सामने दो वीडियो आए। जिसके बाद हमने इस बाबत DSP प्रभात कुमार से बातचीत की। बातचीत में सामने आया कि, बीते 29 जुलाई को कस्बा बांसडीह के वार्ड संख्या 11 निवासी राकेश शाह की करंट लगने से मौत हो गई थी। बताया जा रहा है कि, मृतक वार्ड संख्या 7 निवासी संजीव पाण्डेय उर्फ लड्डू पाण्डेय के घर घरेलू बिजली कार्य कर रहा था। कार्य के दौरान करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गया। जिसके बाद परिजन उसे तुरंत सीएससी बांसडीह लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर बांसडीह पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। जिसके बाद मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, ताकि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
भीड़ ने लगया था जाम
DSP प्रभात कुमार के मुताबिक, शव का अंतिम संस्कार करने जाने के दौरान कुछ लोगों ने बांसडीह तिराहे पर पहुंचकर जाम लगा दिया और शव ले जा रही गाड़ी को रोक दिया। भीड़ ने परिजनों को भी आंदोलन में शामिल कर लिया और मुआवजा तथा अन्य मांगों को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने भी भीड़ के दबाव में आकर मुकदमा दर्ज कराने की बात कही, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत तहरीर लेकर मामला दर्ज कर लिया। लेकिन भीड़ इतने पर ही नहीं मानी और लगातार अपनी मांगों पर अड़ी रही। प्रभात कुमार ने बताया कि, मौके पर पहुंचे राजस्व के अधिकारियों द्वारा हर संभव मदद दिलवाने तथा उचित मुआवजा दिलाने का आश्वाशन भी दिया गया। जिसके बाद भी भीड़ के दबाव में परिजन नहीं माने।
सख्त न होते DSP तो फंसी रह जाती एम्बुलेंस
DSP प्रभात कुमार ने बताया कि इस दौरान बांसडीह तिराहे पर लगे जाम में एक एम्बुलेंस भी फंसी हुई थी, जिसे निकलवाना पुलिस की प्राथमिकता थी। भीड़ को बार-बार शांत करवाने की कोशिश की जा रही थी। लेकिन संभवतः भीड़ के दबाव में परिजन पीछे हटने को तैयार नहीं थे। उन्होंने बताया कि, परिजनों के कार्रवाई के संबंध में पूछने पर उनके द्वारा आरोपी के दोषी पाए जाने पर आरोपी के लिये कुछ शब्दों का प्रयोग किया गया। उसी समय का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। उन्होंने बताया कि, इस दौरान निरंकुश भीड़ को तितर-बितर करने के लिये हल्के बल का प्रयोग भी किया गया था। जिसके बाद स्थिति सामान्य हो गई थी।
सामने आए दो विडियो
तो चलिए इन दावों के बीच हमारे सामने आए दोनों वीडियो की भी बात कर लेते हैं। तो दोनों वीडियो में से एक में क्षेत्राधिकारी प्रभात कुमार को एक महिला के साथ बहस में देखा जा सकता है। जिसमें उनको “आज आरोपी की गिरफ़्तारी हो जाएगी, अगर बात के पक्के नहीं होते तो अट्ठारह साल से DSP नहीं होते, जिस समाज से तुम हो उसी समाज से हम भी हैं, पास में खड़े युवक द्वारा आरोपियों पर कार्रवाई के पूछे जाने पर- उनको नेश्त्नाबूत कर देंगे।” कहते सुना जा सकता हैं। फिर वीडियो खत्म हो जाता है। वहीं वायरल हो रहे एक और वीडियो में उन्हें उन्ही लोगों से रास्ता खाली करने की अपील करते, पीछे फंसी एम्बुलेंस को रास्ता देने और शांति बनाए रखने की अपील करते भी देखा जा सकता है। इस दौरान उन्हें “अगर एम्बुलेंस में किसी बहन - बेटी की मौत हो गई तो, मुकदमा लिख जाएगा” कहते भी सुना जा सकता है। ये दोनों ही वीडियो वायरल हो रहे हैं, ऐसे में ये माना जा रहा है कि पुलिस एम्बुलेंस को रास्ता देने और अवागमन सुचारू रूप से बहाल करवाने के लिए सख्ती दिखा रही थी।