तकनीक से जुड़ेगी देसी खेती…तो माला-माल होंगे किसान..!
'पर ब्लॉक वन क्रॉप’ से एक ट्रिलियन पहुंचेगी यूपी की कृषि इकोनामी..!
29 days ago
Written By: आदित्य कुमार वर्मा
उत्तर प्रदेश सरकार अब बागवानी के जरिए प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने की तैयारी में जुट गई है। इसी क्रम में प्रदेश में एक अनूठा कार्यक्रम ‘पर ब्लॉक वन क्रॉप’ शुरू किया गया है। उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य हर विकास खंड में एक खास और उच्च मूल्य वाली फसल को चिन्हित कर उसके उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन, ब्रांडिंग और निर्यात को बढ़ावा देना।
06 सालों में बागवानी से बढ़ा उत्पादन
मंत्री के अनुसार, पिछले 6-7 वर्षों में उत्तर प्रदेश में फल और सब्जियों की खेती में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। राज्य में 3 लाख हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्रफल में बागवानी फसलें उगाई जा रही हैं और 211 लाख मीट्रिक टन से अधिक उत्पादन हुआ है। अब सरकार चाहती है कि यह मात्रा के साथ गुणवत्ता में भी बदले और किसान को बेहतर दाम मिले।
पर ब्लॉक वन क्रॉप: क्या है योजना का मूल मंत्र
इस योजना के तहत हर विकास खंड में वहां की एग्रो-क्लाइमेटिक परिस्थितियों के अनुसार एक विशिष्ट फसल का चयन किया गया है। उस फसल के इर्द-गिर्द एक पूरी "फसल मूल्य श्रृंखला (value chain)" खड़ी की जाएगी। इसमें उत्पादन से लेकर, प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और निर्यात तक सभी पहलुओं को जोड़ा जाएगा। इससे किसानों को न सिर्फ बेहतर तकनीकी जानकारी मिलेगी, बल्कि वे स्थानीय से वैश्विक बाजार तक पहुंच सकेंगे। यह पहल किसानों की आमदनी को कई गुना बढ़ा सकती है और राज्य की कृषि निर्यात क्षमता को भी मजबूती देगी।
04 से 08 अगस्त: होगा "पर ब्लॉक वन क्रॉप सप्ताह"
इस योजना के प्रचार-प्रसार और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सरकार 04 से 08 अगस्त, 2025 तक पूरे प्रदेश में "पर ब्लॉक वन क्रॉप सप्ताह" मना रही है। इस दौरान सभी जनपदों और विकास खंडों पर गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा, जिनकी अध्यक्षता मंडलीय उप निदेशक उद्यान करेंगे। इसके साथ ही एक राज्य स्तरीय कोआर्डिनेशन कमेटी का भी गठन किया गया है, जो सभी जनपदीय और मंडलीय अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करेगी और कार्यक्रम की प्रगति पर नजर रखेगी।
किसान से लेकर निर्यातक तक सबकी होगी भागीदारी
गोष्ठियों में किसानों, निर्यातकों, कृषक उत्पादक संगठनों (FPOs), कृषि विभाग, कृषि विपणन मंडी परिषद, विदेश व्यापार एवं निर्यात से जुड़े सभी प्रतिनिधियों को जोड़ा जाएगा। यहां किसानों को बताया जाएगा—
- चयनित फसलों की बेहतर तकनीकी जानकारी
- प्रसंस्करण और गुणवत्ता मानक
- पैकेजिंग और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार तक पहुंच के तरीके
- विभागीय योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ कैसे मिले
फसल होगी फोकस, किसान होंगे मालामाल
उद्यान मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि हर जनपद के उद्यान अधिकारी अपने क्षेत्र की चयनित फसल के अनुसार इन गोष्ठियों का समुचित आयोजन करें और इसकी प्रगति की रिपोर्ट उद्यान निदेशालय को समयबद्ध तरीके से भेजें। सरकार का मकसद साफ है, देसी खेती को तकनीक से जोड़कर किसानों को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाना। ‘पर ब्लॉक वन क्रॉप’ जैसी योजनाएं न केवल किसानों की आय बढ़ाएंगी, बल्कि उत्तर प्रदेश को कृषि निर्यात का अगुवा राज्य भी बना सकती हैं।