ऐशन्या ने प्रेमानंद महाराज से कहा- आंखों के सामने मारे गए पति को भूल नहीं पा रही…
संत के जवाब से छा गया सन्नाटा
23 days ago
Written By: Ashwani Tiwari
Uttar Pradesh News: मथुरा में हाल ही में एक बेहद भावुक दृश्य देखने को मिला, जब पहलगाम हमले में शहीद हुए शुभम द्विवेदी का परिवार प्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी महाराज से मिलने पहुंचा। प्रेमानंद महाराज, जो देश-विदेश में अपने सत्संग और सहज उपदेशों के लिए जाने जाते हैं, इस दौरान परिवार को सांत्वना देने और दुख से उबारने का प्रयास करते नजर आए। परिवार के साथ हुई इस बातचीत में माहौल कई बार गमगीन हो गया, खासकर तब, जब आतंकी हमले में मारे गए युवक की पत्नी ऐशन्या ने अपनी पीड़ा साझा की।
मृत्यु को बताया विधि का विधान
मुलाकात के दौरान ऐशन्या ने भावुक होकर कहा कि मेरी आंखों के सामने मेरे पति को मार दिया गया। वो दृश्य बार-बार सामने आ जाता है और मैं इसे भूल ही नहीं पा रही हूं। यह सुनकर वहां मौजूद सभी लोग दुख में डूब गए। प्रेमानंद महाराज ने धैर्यपूर्वक उनकी बात सुनी और उन्हें समझाया कि भगवान का नियम और विधि अटल होते हैं। महाराज ने कहा कि यदि शुभम एक दिन पहले या बाद में वहां जाते तो शायद यह घटना न होती, लेकिन उनकी आयु पूरी हो चुकी थी और विधि ने उन्हें उसी दिन वहां पहुंचा दिया। उन्होंने समझाया कि मृत्यु निश्चित है और किसी न किसी रूप में आती ही है कभी बीमारी, कभी दुर्घटना, तो कभी किसी अन्य रूप में।
भक्ति और नाम जाप को बताया दुख दूर करने का उपाय
प्रेमानंद महाराज ने घटना को ईश्वरीय लीला बताते हुए कहा कि शुभम की शहादत विधि का विधान थी और उनके बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। उन्होंने परिवार को नियमित नाम जाप करने और भक्ति में मन लगाने की सलाह दी, जिससे आत्मा को शांति और मन को संतुलन मिलेगा।
पिता के सवाल पर दिया धार्मिक उदाहरण
शुभम के पिता संजय द्विवेदी ने प्रश्न किया कि धर्म के मार्ग पर चलते हुए भी उनके बेटे के साथ ऐसा क्यों हुआ। इस पर महाराज ने कहा कि पुत्र वियोग संसार का सबसे बड़ा दुख है और श्रीरामचरित मानस का उदाहरण देते हुए बताया कि राजा दशरथ भी राम वियोग में प्राण त्याग चुके थे।