24 साल पुलिस के साथ की ड्यूटी, नहीं लगी किसी को भनक, मर्डर से लेकर डकैती तक का खेल,
आजमगड़ का ये होमगार्ड निकला बड़ा गैंगस्टर
19 days ago
Written By: Ashwani Tiwari
Uttar Pradesh News: आजमगढ़ जिले के मुबारकपुर थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां पुलिस मालखाने की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहा होमगार्ड निरंकार राम दरअसल एक बड़ा गैंगस्टर निकला। उस पर हत्या, हत्या के प्रयास, लूट-डकैती, गांजा तस्करी, पॉक्सो एक्ट समेत आठ गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। निरंकार राम पर आजमगढ़, मऊ और देवरिया जिलों में कई मामलों में कार्रवाई हो चुकी है, फिर भी वह 24 साल से होमगार्ड की नौकरी करता रहा। इस खुलासे ने पुलिस व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अपराध की राह पर कैसे बढ़ा निरंकार राम
निरंकार राम की तैनाती वर्ष 2001 में मुबारकपुर थाने पर होमगार्ड के पद पर हुई थी। मात्र दो साल बाद, 2003 में उसने अपराध जगत में कदम रखा। बताया जाता है कि उसका संपर्क प्रदेश के टॉप-10 अपराधियों से भी रहा है, जिससे उसकी गतिविधियों का दायरा काफी बड़ा था।
थाने में ही दर्ज हैं 6 मुकदमे
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस मुबारकपुर थाने में वह तैनात था, वहीं उसके खिलाफ छह आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इसके बावजूद थाने के प्रभारी शशि मौली पांडेय ने उसे मालखाने की सुरक्षा का जिम्मा दे रखा था। 2003 में एनडीपीएस एक्ट के तहत पहला केस दर्ज हुआ, जब उसके पास से डायजापाम की गोलियां और नशे वाला लड्डू बरामद हुआ था, जिसे यात्रियों को खिलाकर चोरी की जाती थी।
अलग-अलग जिलों में अपराध का रिकॉर्ड
2005, 2010 और 2011 में भी एनडीपीएस एक्ट के मामले दर्ज हुए। 2014 में उस पर रेप और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा हुआ। इसके अलावा 2009 में देवरिया के बढ़नी जीआरपी थाने में बैग चोरी का आरोप लगा। 2017 में मऊ जिले में चोरी और माल बरामदगी का केस दर्ज हुआ, जिसमें चार आरोपी थे — निरंकार, दीपक, मनोज कुमार और देशराज उर्फ टिंटू।
पुलिस की साख पर सवाल
एक ऐसे व्यक्ति को, जिस पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हों, पुलिस सुरक्षा का जिम्मा देना कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। इस खुलासे ने न केवल पुलिस की विश्वसनीयता को झटका दिया है, बल्कि आम जनता के मन में भी भय और अविश्वास पैदा कर दिया है।