बलिया में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा, पर्यटन मंत्री की पहल पर 163 लाख से बदलेगा तीन मंदिरों का स्वरूप,
शिव मंदिर को मिली 68 लाख की सौगात
28 days ago
Written By: Ashwani Tiwari
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के धार्मिक स्थलों को संवारने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। बलिया जिले के तीन प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास के लिए कुल 163.53 लाख रुपये की परियोजनाएं तैयार की गई हैं। इनमें मंदिर परिसरों का सौंदर्यीकरण, बुनियादी सुविधाओं का विस्तार और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाएं शामिल हैं। राज्य के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि इस योजना से न केवल श्रद्धालुओं को लाभ मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। बलिया जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को इससे नया जीवन मिलेगा।
बलिया में तीन धार्मिक स्थलों का होगा समग्र विकास
उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग प्रदेश के प्राचीन मंदिरों के आसपास पर्यटक सुविधाओं के विकास और सौंदर्यीकरण के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को लेकर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) बलिया के तीन प्रमुख धार्मिक स्थलों के समग्र विकास पर अग्रसर है। विकास योजनाओं पर 163.53 लाख रुपए की राशि खर्च होगी। इन परियोजनाओं का उद्देश्य मंदिरों की भव्यता को पुनर्स्थापित कर श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना है। यह जानकारी उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश देश में घरेलू पर्यटन का केंद्र बनकर उभरा है। हाल के वर्षों में राज्य में धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों पर पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अयोध्या, काशी, मथुरा और प्रयागराज जैसे तीर्थ स्थल श्रद्धालुओं के विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। आगंतुकों का रुझान प्रदेश के नए गंतव्यों की ओर भी है। बलिया ऐसे ही टूरिस्ट डेस्टिनेशन में से एक है, जहां मंदिरों सहित पर्यटन स्थलों की वृहद श्रृंखला है।
सेवादास धाम मंदिर के विकास पर खर्च होंगे 60.60 लाख रुपये
दरअसल, पर्यटन मंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार बलिया जिले के सेवादास धाम मंदिर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 60.60 लाख रुपए की लागत से विकास कार्य कराएगी। इस योजना के तहत मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण, बुनियादी सुविधाओं का विस्तार और धार्मिक पर्यटकों के लिए आकर्षक निर्माण कार्य किए जाएंगे। योजना अंतर्गत मंदिर परिसर का व्यापक सौंदर्यीकरण किया जाएगा, जिसमें आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, शौचालय, पेयजल, विश्राम स्थल जैसी बुनियादी सुविधाओं का निर्माण शामिल है। साथ ही, धार्मिक पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से सांस्कृतिक और आध्यात्मिक वातावरण को भी सुदृढ़ किया जाएगा। ज्ञात हो, बलिया का सेवादास धाम मंदिर एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है।
रामलीला मैदान के सौंदर्यीकरण को मिली मंजूरी
जयवीर सिंह ने बताया कि बलिया जनपदवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूर्ण होने जा रही है। नगर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थल रामलीला मैदान का सौंदर्यीकरण कार्य जल्द शुरू होने जा रहा है। इस कार्य पर 34.23 लाख रुपए की लागत आएगी। धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों का केंद्र रहा यह मैदान अब नए और आकर्षक स्वरूप में नजर आएगा, जिससे न केवल शहरवासियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि पर्यटन की दृष्टि से भी यह स्थल महत्वपूर्ण बनेगा।
मारीटर के शिव मंदिर का होगा पर्यटन विकास
पर्यटन मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकासखंड बांसडीह की ग्राम सभा मारीटर स्थित प्रसिद्ध शिव मंदिर का पर्यटन विकास कार्य किया जा रहा है। विभागीय योजना के तहत इस पर 68.70 लाख रुपए की लागत आएगी। इससे न केवल मंदिर क्षेत्र का सौंदर्यीकरण होगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी नई दिशा मिलेगी। योजना अंतर्गत मंदिर परिसर का जीर्णोद्धार, श्रद्धालुओं के लिए बैठने की व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल और स्वच्छता से जुड़ी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे न केवल स्थानीय लोगों की धार्मिक आस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि इस क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या में भी बढ़ोतरी की उम्मीद है। पर्यटन विभाग का मानना है कि इस तरह के प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश देश में शीर्ष स्थान पर है। अयोध्या, काशी और मथुरा जैसे तीर्थ स्थल प्रमुख आकर्षण केंद्र बने हुए हैं। ‘स्पिरिचुअल ट्रायंगल’ ने देश-विदेश के पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित किया है। राज्य सरकार पर्यटन विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बलिया समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्राचीन मंदिरों के सौंदर्यीकरण और अल्पज्ञात स्थलों के विकास के माध्यम से प्रदेश को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है।