1912 पर कॉल करो, मैं राज बब्बर का समधी... बस्ती SE की दबंगई पर भड़के ऊर्जा मंत्री,
बोले- अफसरों की तितलौकी अब नीम पर चढ़ गई
1 months ago
Written By: Ashwani Tiwari
Uttar Pradesh Power Department Row: बस्ती जिले में बिजली से जुड़ी लापरवाही और अधिकारी की दबंगई का एक और मामला सामने आया है, जिसने प्रदेश की बिजली व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा की सख्त चेतावनियों और निर्देशों के बावजूद विभाग के अफसर सुधारने को तैयार नहीं हैं। ताजा मामला तब सामने आया जब एक उपभोक्ता ने बिजली न आने की शिकायत की, लेकिन समाधान की बजाय उसे टालने की कोशिश की गई और अधिकारी ने राजनीतिक रिश्तों का हवाला देकर रौब झाड़ने की कोशिश की। इस पूरे मामले में संबंधित अधीक्षण अभियंता (SE) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
राजनीतिक रसूख का दिखाया डर
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने इस घटना को गंभीर मानते हुए उपभोक्ता से हुई बातचीत का ऑडियो खुद सोशल मीडिया पर साझा किया। ऑडियो में बस्ती के अधीक्षण अभियंता प्रशांत सिंह उपभोक्ता को यह कहते सुने गए कि वह सिर्फ 1912 पर कॉल करे, और बाकी वह नहीं कर सकते। इतना ही नहीं, अधिकारी ने खुद को सपा सांसद रामजी लाल सुमन का साला, राज बब्बर का समधी, केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल का मित्र और मंत्री बेबीरानी मौर्या को भाभी बताते हुए अपनी राजनीतिक पहुंच का धौंस दिखाया।
जनता की शिकायत पर मंत्री ने जताई नाराजगी
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि यह ऑडियो उन्हें एक वरिष्ठ भाजपा सांसद ने भेजा, जिन्होंने बस्ती के एक मोहल्ले में दिनभर बिजली गायब रहने और अफसरों द्वारा फोन न उठाने की शिकायत की थी। मंत्री ने साफ कहा कि 1912 टोल फ्री नंबर या तकनीकी उपाय, मानवीय सेवा की जगह नहीं ले सकते।
मीटिंग में अफसरों ने दी गलत जानकारी
मंत्री एके शर्मा ने बताया कि जब इस मुद्दे को लेकर अधिकारियों से मीटिंग की गई, तो उन्होंने झूठ बोलते हुए कहा कि उपभोक्ताओं को सिर्फ 1912 पर फोन करने की बाध्यता नहीं है। जब मंत्री ने बार-बार सवाल किए, तब भी उन्हें गुमराह किया गया। उन्होंने अफसरों के इस रवैये को अब नीम पर चढ़ गई तितलौकी जैसे कड़े शब्दों में लताड़ा। ऊर्जा मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अधिकारी और कर्मचारी उपभोक्ताओं की समस्याओं को प्राथमिकता दें, फोन उठाएं, सम्मानपूर्वक बात करें और समाधान करें। उन्होंने चेताया कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो परिणाम बेहद गंभीर होंगे।
एसई प्रशांत सिंह सस्पेंड
बिजली उपभोक्ता से दुर्व्यवहार और असंवेदनशील रवैये के कारण बस्ती के अधीक्षण अभियंता प्रशांत सिंह को तत्काल निलंबित कर दिया गया है। ऊर्जा विभाग ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित समाधान के निर्देश फिर से जारी किए हैं।
जनता की तकलीफ बनी अफसरशाही का शिकार
यह पूरा मामला न केवल एक अधिकारी की मनमानी को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि मंत्री की सख्ती और चेतावनी के बावजूद विभागीय अफसर सुधारने को तैयार नहीं हैं। इससे आम जनता की परेशानी बढ़ रही है और सरकार की छवि को भी नुकसान हो रहा है।