चकबंदी यूनियन अध्यक्ष की संदिग्ध मौत, पुलिस बोली सुसाइड,
परिवार ने बताया मर्डर की साजिश
30 days ago
Written By: Ashwani Tiwari
Uttar Pradesh News: निगोहां के करनपुर निवासी और चकबंदी मिनिस्टीरियल संघ के अध्यक्ष राजकुमार सिंह की रहस्यमय परिस्थितियों में हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। बुधवार को शहीद पथ स्थित विंड क्लब के पास उनके प्लॉट में बने कमरे में उनका शव खून से लथपथ मिला। पुलिस इसे आत्महत्या बता रही है, लेकिन परिवारीजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए एसटीएफ से जांच कराने की मांग की है।
सुसाइड नोट और रिवॉल्वर से गहराया संदेह
मौके से एक सुसाइड नोट और लाइसेंसी रिवॉल्वर मिलने का दावा पुलिस ने किया है। डीसीपी साउथ निपुण अग्रवाल ने बताया कि सुसाइड नोट में राजकुमार ने खुद को ही मौत का जिम्मेदार बताया है, जबकि यह स्पष्ट नहीं है कि रिवॉल्वर उनका था या किसी और का। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह शॉक और हेमरेज बताई गई है, गोली दाहिनी कनपटी से बाईं ओर होकर बाहर निकल गई थी।
परिवार ने हत्या की जताई आशंका
राजकुमार के भांजे अमर सिंह परिहार ने आरोप लगाया कि सुसाइड नोट दिखाया नहीं गया और घटना स्थल पर भी परिजनों को नहीं जाने दिया गया। उन्होंने आशंका जताई कि किसी ने कनपटी पर रिवॉल्वर रखकर जबरन सुसाइड नोट लिखवाया और फिर गोली मार दी। साथ ही, शव की तस्वीरों में राजकुमार के दोनों हाथ कमर से सटे और हथेली में रिवॉल्वर फंसी दिखी, जिससे और संदेह गहराया।
चालक से पूछताछ
चालक केशव के मुताबिक, राजकुमार ने प्लॉट पहुंचने के बाद उसे बाहर भेज दिया और “डिस्टर्ब न करो” कहा। बाद में कॉल रिसीव न होने पर जब वह कमरे में गया तो राजकुमार का शव मिला। केशव ने बताया कि राजकुमार कुछ दिनों से परेशान थे और नींद नहीं ले पा रहे थे। हालांकि परिवार ने चालक पर शक नहीं जताया है।
किसका था असलहा प्रॉपर्टी डीलर पर हुआ शक
पुलिस जांच में सामने आया है कि घटनास्थल से मिली रिवॉल्वर रायबरेली निवासी एक युवक की हो सकती है, जो प्रॉपर्टी का काम करता था और राजकुमार के घर आता-जाता था। दिलचस्प बात यह है कि वह युवक न तो अंतिम संस्कार में आया, न ही उसका फोन लग रहा है।
लापरवाही पर हो सकती है सख्त कार्रवाई
अगर यह साबित होता है कि लाइसेंसी असलहे की लापरवाही से मौत हुई है, तो संबंधित धाराओं के तहत दोषी पर 304A आईपीसी और शस्त्र अधिनियम 1959 के तहत मुकदमा दर्ज हो सकता है। ऐसे मामलों में दो साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।
पुलिस कर रही है जांच
एसीपी ऋषभ रूणवाल के अनुसार, कमरे से रिवॉल्वर और राजकुमार का फोन जब्त कर लिया गया है। लाइसेंस के सत्यापन के लिए जिलाधिकारी कार्यालय को पत्र भेजा गया है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है और परिजनों से तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।