चित्रकूट में बनेंगे भक्ति थीम पर भव्य प्रवेश द्वार,
और भी भव्य होगा श्रद्धालुओं का स्वागत
1 months ago
Written By: विनय के. सिंह
भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट में आने वाले श्रद्धालुओं को अब और भव्य स्वागत का अनुभव मिलेगा। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने प्रयागराज-चित्रकूट, बांदा-चित्रकूट और कौशांबी-चित्रकूट मार्ग पर तीन भव्य प्रवेश द्वारों के निर्माण की योजना को हरी झंडी दे दी है। इन द्वारों का निर्माण भक्ति थीम पर किया जाएगा और इसके लिए 5 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी है।
श्रीराम की तपोभूमि में श्रद्धालुओं का गरिमामय स्वागत
जयवीर सिंह ने बताया कि भगवान श्रीराम, माता सीता और भाई लक्ष्मण ने अपने वनवास काल का साढ़े ग्यारह वर्ष चित्रकूट में बिताया था। इस धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल की महत्ता को ध्यान में रखते हुए सरकार श्रद्धालुओं और पर्यटकों को दिव्यता और सांस्कृतिक आस्था से परिपूर्ण वातावरण देने की दिशा में कार्य कर रही है। पर्यटन मंत्री के अनुसार, तीनों प्रवेश द्वारों का निर्माण स्थानीय स्थापत्य शैली में किया जाएगा। इनकी संरचना में भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण की छवियां, धार्मिक प्रतीक, लोक संस्कृति और चित्रकूट की धार्मिक गरिमा के भावों को शामिल किया जाएगा। इससे श्रद्धालु जैसे ही चित्रकूट में प्रवेश करेंगे, उन्हें आध्यात्मिक माहौल का अनुभव मार्ग से ही मिलने लगेगा।
राम वन गमन पथ को मिलेगी नई पहचान
जयवीर सिंह ने कहा कि इन भव्य प्रवेश द्वारों का उद्देश्य केवल सौंदर्यीकरण नहीं है, बल्कि यह राम वन गमन पथ की पहचान को और अधिक भव्य और जीवंत बनाना है। साथ ही इससे यात्रियों की सुविधा भी बढ़ेगी और धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी।
घरेलू पर्यटन में यूपी पहले स्थान पर
पर्यटन मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश घरेलू पर्यटन में देशभर में पहले स्थान पर है। वर्ष 2024 में 65 करोड़ पर्यटकों ने प्रदेश के विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों का भ्रमण किया। इसमें चित्रकूट की विशेष भूमिका रही है, जो अयोध्या, प्रयागराज और वाराणसी के साथ मिलकर एक आध्यात्मिक त्रिकोण (Spiritual Triangle) का निर्माण करता है। चित्रकूट के प्रमुख धार्मिक स्थलों में कामदगिरि पर्वत, गुप्त गोदावरी, हनुमान धारा, सती अनुसूया आश्रम, और जानकी कुंड प्रमुख हैं। यहां प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन और परिक्रमा के लिए आते हैं।
चित्रकूट को विश्व स्तरीय पहचान दिलाने की तैयारी
सरकार का उद्देश्य चित्रकूट को एक विश्वस्तरीय धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना है। पर्यटन विभाग की यह पहल निश्चित रूप से चित्रकूट की धार्मिक गरिमा और आध्यात्मिक आस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।