गाजियाबाद में फर्जी डिलीवरी बॉय बनकर की जूलरी शॉप में लूट,
मुठभेड़ में 25 हजार का इनामी गिरोह का सरगना दबोचा गया
25 days ago
Written By: Ashwani Tiwari
Uttar Pradesh News: गाजियाबाद के लिंक रोड थाना क्षेत्र में पुलिस और स्वाट टीम को बड़ी सफलता मिली है। एक शातिर लुटेरे को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया है, जिस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। आरोपी लवकुश नाम का यह बदमाश फूड डिलीवरी कंपनी की यूनिफॉर्म पहनकर जूलरी शॉप में लूट की योजना बना रहा था। पुलिस ने उसके पास से चोरी की बाइक, तमंचा, कारतूस और लूटी गई रकम में से 6 हजार रुपये बरामद किए हैं।
मुठभेड़ के दौरान पकड़ा गया लवकुश
एसीपी साहिबाबाद श्वेता यादव ने बताया कि पुलिस औद्योगिक क्षेत्र में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक युवक बिना नंबर प्लेट की बाइक पर आते हुए दिखा। पुलिस ने जब उसे रुकने का इशारा किया तो वह भागने लगा और पीछा करने पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लग गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी देता था डिलीवरी की यूनिफॉर्म
लवकुश बेहटा हाजीपुर का रहने वाला है और इस गिरोह का सरगना है। वह पहले एक फूड डिलीवरी कंपनी में काम करता था और जॉब छोड़ने के बाद भी उसकी यूनिफॉर्म अपने पास रखी थी। उसी यूनिफॉर्म को लूट की घटनाओं में इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस के अनुसार, वह दिल्ली-एनसीआर में कई लूट की वारदातों में शामिल रहा है और दिल्ली में लूट के केस में जेल भी जा चुका है।
मानसी जूलर्स से लूटा गया था सोना और चांदी
24 जुलाई को लिंक रोड क्षेत्र के बृज विहार में स्थित मानसी जूलर्स पर दोपहर के समय दो बदमाशों ने धावा बोलकर 125 ग्राम सोना और 20 किलो चांदी लूट ली थी। दोनों फूड डिलीवरी की ड्रेस में आए थे और केवल छह मिनट में वारदात को अंजाम देकर भाग गए। इस मामले में चार आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं।
दिल्ली में भी ऐसे ही अंदाज में की थी लूट
पुलिस के अनुसार, लवकुश ने अपने साथियों के साथ दिल्ली में भी एक जूलरी शॉप में लूट की थी, जहां उन्होंने कोट-पैंट, दस्ताने और चेहरा ढक कर वारदात को अंजाम दिया था। इस गिरोह की खासियत है कि वे हर लूट में एक जैसी ड्रेस पहनते हैं और रैंडम तरीके से शोरूम को टारगेट करते हैं।
नियमित चेन स्नैचिंग और प्लानिंग के साथ लूट
पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के सदस्य सामान्य दिनों में चेन स्नैचिंग करते हैं, लेकिन जब वे किसी बड़े लूट की योजना बनाते हैं, तो विशेष रूप से तैयार होकर निकलते हैं। वे पहले दुकान के बाहर निगरानी करते हैं, सुरक्षा का आकलन करते हैं और फिर तेज़ी से वारदात को अंजाम देकर भाग जाते हैं।