गाजीपुर में गंगा-गोमती उफान पर, खतरे के निशान के पार पहुंचा जलस्तर,
कई गांवों का पूरी तरह टूटा संपर्क
28 days ago
Written By: Ashwani Tiwari
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में गंगा और गोमती नदियों का उफान भारी तबाही लेकर आया है। गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ते हुए खतरे के निशान को पार कर गया है। शनिवार को इसका जलस्तर 63.620 मीटर तक पहुंच गया, जो खतरे के बिंदु 63.105 मीटर से 515 सेंटीमीटर अधिक है। यह पिछले साल 2023 के रिकॉर्ड 61.700 मीटर को भी पार कर गया है। अगर यह बढ़त यूं ही जारी रही तो 2024 का अब तक का सबसे ऊंचा रिकॉर्ड 63.670 मीटर भी टूट सकता है। गोमती नदी में भी लगातार उफान बना हुआ है, जिससे निचले इलाकों में दहशत का माहौल है।
पांच गांवों का टूटा संपर्क
बढ़ते जलस्तर की वजह से वीरऊपुर, हसनपुरा, नसीरपुर, तितारपुर और गौरहट गांवों का संपर्क पूरी तरह से कट गया है। इन इलाकों में मुख्य सड़कों पर 5 से 6 फीट तक पानी भर गया है, जिससे आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है। रेवतीपुर से गहमर बाइपास मार्ग पर लगभग 800 मीटर लंबा क्षेत्र पानी में डूबा हुआ है।
खेती को भारी नुकसान बर्बादी के कगार पर फसलें
गंगा किनारे स्थित ददरीघाट पर भी हालत बिगड़ते जा रहे हैं। वहां अब सिर्फ तीन सीढ़ियां ही दिखाई दे रही हैं, बाकी पूरी तरह जलमग्न हो चुकी हैं। निचले इलाकों में सब्जी की फसल पहले ही बर्बाद हो चुकी है और अब धान की फसल भी खतरे में है। रेवतीपुर के उत्तरौली में करीब 30 बीघा धान के खेत पानी में डूब गए हैं जबकि भांवरकोल में 12 बीघा जमीन गंगा में समा गई है।
राहत कार्य हुए तेज
धर्मपुरा, फिरोजपुर, मुबारकपुर, पटना, शांति-भादी, चकेरी और फुलवारी कला जैसे गांव बाढ़ की चपेट में हैं। प्रशासन ने इन इलाकों में नावों की व्यवस्था की है और 34वीं वाहिनी पीएसी की टीम मोटरबोट से राहत कार्य में लगी हुई है। औड़िहार, बसुहारीपुरा, सेमरा और शेरपुर के खेत भी जलमग्न हो चुके हैं। जिला प्रशासन ने कांवड़ यात्रा पर ददरीघाट पर स्नान से रोक लगाई है और कांवड़ियों के लिए गंगाजल की अलग से व्यवस्था की है।
प्रशासनिक सतर्कता और नुकसान का आंकलन
जिलाधिकारी अविनाश कुमार और पुलिस अधीक्षक ने घाटों का निरीक्षण किया और पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन के मुताबिक अब तक करीब 1170 बीघा खेती बाढ़ से प्रभावित हो चुकी है, जिसमें से 50 बीघा की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है। प्रशासन राहत कार्यों में लगा हुआ है, लेकिन लगातार बढ़ता जलस्तर लोगों की चिंता का कारण बना हुआ है।