10 साल में 200 विदेश यात्राएं, 25 फर्जी कंपनियां और चार देशों की नकली एंबेसी,
जानें कैसे बिछाई हर्षवर्धन जैन ने अंतरराष्ट्रीय ठगी का जाल
1 months ago
Written By: Ashwani Tiwari
Harshvardhan Jain: यूपी एसटीएफ ने गाजियाबाद के पॉश इलाके कविनगर में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है, जो पिछले दस सालों से फर्जीवाड़े की एक बड़ी स्क्रिप्ट चला रहा था। आरोपी हर्षवर्धन जैन ने एक किराए की कोठी में चार अलग-अलग देशों की फर्जी एंबेसी खोल रखी थी। बाहर नीली नंबर प्लेट की लग्जरी विदेशी गाड़ियां खड़ी रहती थीं, जिन पर विदेशी झंडे लगे होते थे। यह सब एक झूठा विदेशी माहौल तैयार करने और लोगों को गुमराह करने के लिए किया गया था।
200 बार विदेश यात्रा 19 देशों में पहुंच
नोएडा एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि हर्षवर्धन ने पिछले 10 सालों में 200 बार विदेश यात्राएं कीं और 19 देशों में गया। सबसे अधिक वह 54 बार संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और 22 बार यूनाइटेड किंगडम (UK) गया। विदेशों में वह कंपनियां बनाकर दलाली, हवाला और लाइजनिंग जैसे गैरकानूनी काम करता था। जांच में खुलासा हुआ कि उसके पास 25 से अधिक फर्जी कंपनियों का डेटा मिला है। इसके अलावा उसके नाम पर 20 बैंक खाते हैं, जिनमें से आठ दुबई, तीन यूके, एक मॉरिशस और बाकी भारत में हैं। एसटीएफ इन खातों में हुए संदिग्ध लेन-देन की जांच कर रही है।
चंद्रास्वामी के जरिए अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क
एसटीएफ के मुताबिक, वर्ष 2000 में हर्षवर्धन कुख्यात तांत्रिक चंद्रास्वामी के संपर्क में आया था। यहीं से उसका जुड़ाव अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से हुआ। वह हथियार तस्कर अदनान खशोगी समेत कई विदेशी कारोबारियों से मिला। 2005 से 2015 के बीच लंदन और दुबई में उसने कई कंपनियां बनाईं और हवाला के बड़े सौदे किए। साल 2006 में हर्षवर्धन दुबई चला गया और वहीं से अपनी हवाला और दलाली की गतिविधियों को संचालित करता रहा। दुबई के बैंक और कंपनियां उसके इस नेटवर्क का अहम हिस्सा रहीं।
रिमांड पर हो सकता बड़ा खुलासा
एसटीएफ अब हर्षवर्धन को रिमांड पर लेने की तैयारी में है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ में हवाला नेटवर्क और उसके विदेशी संपर्कों को लेकर कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। कोर्ट में रिमांड अर्जी दी गई है, जिस पर सोमवार को सुनवाई होगी। एसटीएफ एएसपी आर.के. मिश्रा ने बताया कि यह सिर्फ फर्जी एंबेसी का मामला नहीं, बल्कि एक बड़े अंतरराष्ट्रीय आर्थिक अपराध का हिस्सा है। आने वाले समय में जांच से जुड़े और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं।