हाइवे पर मदद मांग रहीं लड़कियों को देख दिल पिघला तो जेब खाली,
ठग गैंग का ऐसा चलता है खेल
20 days ago
Written By: Ashwani Tiwari
Uttar Pradesh News: अलीगढ़ में हाल ही में वायरल हुए एक वीडियो ने एक बड़े ठग गैंग का पर्दाफाश किया है, जिसमें दो दर्जन से ज्यादा युवतियां शामिल बताई जा रही हैं। यह गैंग उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई इलाकों में सक्रिय है और मदद के नाम पर राहगीरों से पैसे ऐंठता है। खास बात यह है कि ये युवतियां सड़क किनारे खड़ी होकर खुद को बाढ़ पीड़ित बताती हैं और लोगों की भावनाओं का फायदा उठाकर उनसे नकद सहायता ले लेती हैं। अलीगढ़, मेरठ से लेकर उत्तराखंड के रुद्रपुर तक ऐसे कई मामले सामने आए हैं, लेकिन पुलिस को इसकी आधिकारिक जानकारी नहीं थी।
वीडियो ने खोली पोल, एक हफ्ते में दो बार दिखीं एक ही लड़कियां
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को कैलाश चौधरी नाम के व्यक्ति ने साझा किया। कैलाश के मुताबिक, 3 अगस्त को उन्हें लोधा क्षेत्र के फगोई गांव के पास यह युवतियां पहली बार दिखीं। पांच दिन बाद, 8 अगस्त को वही लड़कियां खैर रोड पर गांव ल्हौसरा के पास फिर पैसे मांगते मिलीं।
फर्जी पहचान और झूठी कहानियां
पूछताछ में युवतियों ने खुद को कभी राजस्थान तो कभी गुजरात की निवासी बताया, लेकिन दिखाया गया आधार कार्ड संदिग्ध था, जिस पर दक्षिण भारतीय भाषा में लिखा था। उनका दावा था कि वे अलीगढ़ रेलवे स्टेशन के पास के एक होटल में ठहरी हैं, लेकिन यह जानकारी भी गलत निकली। कैलाश ने बताया कि इनके पास हिंदी और अंग्रेजी में लिखे पर्चे होते हैं, जिनमें लिखा होता है कि वे रानीपुर के बाढ़ पीड़ित हैं और छोटे बच्चों के साथ खाने-पीने व कपड़ों के बिना भटक रहे हैं। पर्चे में लोगों से मदद की गुहार और भगवान का आशीर्वाद देने का वादा भी होता है।
पुलिस को आधिकारिक शिकायत नहीं
एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक ने कहा कि इस तरह का कोई मामला अभी तक दर्ज नहीं हुआ है, लेकिन जानकारी जुटाई जा रही है और ठगी साबित होने पर कार्रवाई की जाएगी। वीडियो सोशल मीडिया पर लाखों बार देखा जा चुका है, और कई लोगों ने शक जताया है कि ये युवतियां बांग्लादेशी या रोहिंग्या हो सकती हैं। कैलाश चौधरी ने चेतावनी दी कि अगर इनकी वजह से कोई वारदात हो गई, तो जिम्मेदार कौन होगा