गजवा-ए-हिंद का तैयार कर रहा था प्लान, व्हाइट कोट में छिपा था आतंकी डॉक्टर,
यूपी ATS ने दबोचा
26 days ago
Written By: Ashwani Tiwari
UP ATS News: उत्तर प्रदेश में आतंकी मॉड्यूल को लेकर लगातार जांच एजेंसियां सक्रिय हैं। हाल ही में एटीएस (एंटी टेररिज्म स्क्वॉड) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के ठाणे जिले के बदलापुर इलाके से एक होम्योपैथी डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। आरोपी डॉक्टर उसामा माज शेख (24) पर आरोप है कि वह पाकिस्तान में बैठे आकाओं के इशारे पर भारत में मुस्लिम युवाओं को कट्टरपंथ की तरफ मोड़ने वाला एक ऑनलाइन नेटवर्क चला रहा था। उसके नेटवर्क का मकसद देश में सांप्रदायिक तनाव बढ़ाना और भारत विरोधी गतिविधियों को हवा देना था।
बरामद हुए तीन मोबाइल, एक लैपटॉप और पाकिस्तान से जुड़े नंबर
यूपी एटीएस ने उसामा के पास से तीन मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद किया है, जिनमें से कई संवेदनशील और आपत्तिजनक जानकारियां मिली हैं। जांच में सामने आया है कि वह व्हाट्सऐप और सिग्नल जैसे मैसेजिंग ऐप्स के जरिए पाकिस्तान के कुछ नंबरों से लगातार संपर्क में था। यही वजह थी कि वह काफी समय से यूपी और महाराष्ट्र एटीएस की नजर में था। उसामा पिछले कुछ महीनों में हैदराबाद, गुजरात और आगरा भी गया था, जिसके पीछे के मकसद की भी जांच की जा रही है। वह बदलापुर ईस्ट के एक निजी अस्पताल में होम्योपैथी प्रैक्टिस करता था।
दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी से मिला सुराग
डॉ. उसामा की गिरफ्तारी, अजमल अली नाम के एक और आरोपी से पूछताछ के बाद हुई, जिसे दो दिन पहले गिरफ्तार किया गया था। एटीएस के मुताबिक, इनका मकसद शरिया कानून के प्रसार और गजवा-ए-हिंद जैसे जिहादी विचारधाराओं को फैलाने के लिए हिंसक गतिविधियों की जमीन तैयार करना था।
युवाओं को गुमराह कर रहे थे आरोपी
जांच एजेंसी का दावा है कि दोनों आरोपी भारत में रहने वाले मुस्लिम युवाओं को भड़काने का काम कर रहे थे। वे उन्हें गैर-मुसलमानों के खिलाफ नफरत फैलाने, कट्टर विचारधारा अपनाने और देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के लिए उकसा रहे थे। यह नेटवर्क देश की शांति और एकता के लिए एक गंभीर खतरा बनता जा रहा था।
यूपी लाया जाएगा आरोपी उसामा
अजमल को पहले ही न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है, जबकि उसामा को सोमवार को कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर यूपी एटीएस के साथ भेजा गया है। अब उससे लखनऊ में पूछताछ होगी। एटीएस अब इस नेटवर्क के बाकी सदस्यों की तलाश में जुटी है, जिसमें कुछ विदेशी संचालक और भारत में मौजूद स्थानीय मददगार भी शामिल हो सकते हैं।