ताजमहल की तिजोरी कितनी भरी, शाहजहां-मुमताज के प्यार का महीना दर महीना हिसाब चौंका देगा,
जानिए सच और आंकड़ों का पूरा गणित
19 days ago
Written By: Ashwani Tiwari
Uttar Pradesh News: आगरा का ताजमहल, जिसे दुनिया के सात अजूबों में गिना जाता है, न सिर्फ अपनी खूबसूरती के लिए मशहूर है, बल्कि यह भारत की अर्थव्यवस्था में भी अहम योगदान देता है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई, जिसमें दावा किया गया कि ताजमहल एक दिन में 57 लाख रुपये और महीने में 17.1 करोड़ रुपये टिकट बिक्री से कमाता है। यह दावा लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। लेकिन क्या यह सच है? आइए, इसकी सच्चाई को विस्तार से समझते हैं।
सोशल मीडिया का दावा और उसका गणित
पोस्ट के अनुसार, ताजमहल में रोजाना करीब 20,000 पर्यटक आते हैं, जिनमें 2,000 से अधिक विदेशी होते हैं। भारतीय पर्यटकों के लिए टिकट 50 रुपये और मुख्य मकबरे को देखने के लिए अतिरिक्त 200 रुपये लगते हैं, जबकि विदेशी पर्यटकों का टिकट 1,350 रुपये है। इसी आधार पर यह गणना निकाली गई—
- भारतीय टिकट: 20,000 × 50 = 10 लाख रुपये
- मकबरा टिकट: 10,000 × 200 = 20 लाख रुपये
- विदेशी टिकट: 2,000 × 1,350 = 27 लाख रुपये
कुल = 57 लाख रुपये प्रतिदिन, यानी महीने में 17.1 करोड़ रुपये।
आधिकारिक आंकड़ों से तुलना
आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2023-24 में ताजमहल ने टिकट बिक्री से 98.55 करोड़ रुपये कमाए। उस दौरान 67.8 लाख पर्यटक आए। औसतन यह करीब 27 लाख रुपये प्रतिदिन की कमाई है, जो सोशल मीडिया के दावे से काफी कम है। हालांकि सर्दियों जैसे पर्यटन सीजन में यह आंकड़ा बढ़ सकता है।
वास्तविक पर्यटक संख्या और कीमतें
ASI के अनुसार, भारतीय टिकट 50 रुपये और विदेशी टिकट 1,100 रुपये है, जबकि मकबरा दर्शन के लिए 200 रुपये अतिरिक्त लगते हैं। सालाना करीब 70-80 लाख लोग ताजमहल देखने आते हैं, जिनमें 8-10 लाख विदेशी होते हैं। इसका औसत प्रतिदिन लगभग 19,000-22,000 पर्यटक और 2,200-2,700 विदेशी पर्यटक बैठता है।
वास्तविक कमाई का अनुमान
आधिकारिक डेटा से अनुमानित गणना:
- भारतीय पर्यटक (18,000): 9 लाख रुपये
- मकबरा टिकट (9,000): 18 लाख रुपये
- विदेशी पर्यटक (2,000): 22 लाख रुपये
कुल = 49 लाख रुपये प्रतिदिन, यानी लगभग 14.7 करोड़ रुपये महीने में। यह सोशल मीडिया के दावे के करीब है, लेकिन 57 लाख से कम।
लोगों की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर इस पर खूब चर्चा हो रही है। कुछ लोगों ने कहा कि यह गर्व की बात है कि ताजमहल इतनी कमाई करता है, वहीं कुछ ने सवाल उठाया कि इतनी कमाई के बावजूद इसकी देखभाल पर सिर्फ 9.41 करोड़ रुपये ही क्यों खर्च किए जाते हैं। कई लोगों ने इसे भारत की सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने वाला माना।