काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करने जा रहें हैं तो हो जाए सावधान,
वरना पूजा की थाली में दिखा ये सामान तो रोक दी जाएगी एंट्री
22 days ago
Written By: Ashwani Tiwari
Uttar Pradesh News: वाराणसी के काशी विश्वनाथ धाम में पर्यावरण संरक्षण के लिए एक अनोखी और सख्त पहल शुरू होने जा रही है। मंदिर प्रशासन ने तय किया है कि 11 अगस्त से धाम क्षेत्र में प्लास्टिक के किसी भी पात्र या पैकेट के साथ प्रवेश नहीं मिलेगा। यानी अब फूल-माला, दूध, जल या कोई भी पूजा सामग्री प्लास्टिक में लाने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन ने इसके लिए पूरी तैयारी कर ली है और पिछले कई दिनों से बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है ताकि भक्त और दुकानदार इस बदलाव को समझ सकें और आसानी से अपना सकें।
स्टील के लोटे और बांस की टोकरी से होगी पूजा सामग्री की पेशकश
काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण मिश्र ने बताया कि धाम क्षेत्र को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त बनाने का लक्ष्य है। इसके तहत फूल-माला, दूध या अन्य पूजा सामग्री जो पहले प्लास्टिक के पैकेट, डिब्बे या डलियों में आती थी, उस पर पूरी तरह प्रतिबंध होगा। अब भक्त केवल स्टील के लोटे में दूध और जल लाकर बाबा को अर्पित कर सकेंगे। फूल-माला के लिए भी प्लास्टिक के डलियों की जगह बांस की टोकरी का इस्तेमाल अनिवार्य होगा।
मुफ्त में मिलेंगे स्टील लोटा और बांस की टोकरी
मंदिर प्रशासन इस पहल को सफल बनाने के लिए भक्तों और दुकानदारों को मुफ्त में स्टील के लोटे और बांस की टोकरी उपलब्ध करा रहा है। धाम क्षेत्र के दुकानदारों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे प्लास्टिक के सामान में पूजा सामग्री न दें।
जनप्रतिनिधि भी अभियान में सक्रिय
इस मुहिम में जनप्रतिनिधि भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। शहर दक्षिणी के विधायक नीलकंठ तिवारी ने भक्तों से अपील की है कि वे मंदिर में पूजा सामग्री लाते समय प्लास्टिक का उपयोग न करें। वहीं बीजेपी पार्षद शिखा वर्मा ने बताया कि धाम क्षेत्र के साथ-साथ मैदागिन से गोदौलिया तक के सभी दुकानदारों को जागरूक किया जा रहा है, ताकि काशी विश्वनाथ धाम पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त बन सके।