लखनऊ में बड़ा फर्जीवाड़ा, ED की जब्त जमीन को फर्जी कागजों से बेच डाली,
पकड़ा गया करोड़ों का सौदा
20 days ago
Written By: Ashwani Tiwari
Uttar Pradesh News: लखनऊ में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जब्त की गई संपत्ति को फर्जी कागजातों के जरिए बेच दिया गया। इस गंभीर धोखाधड़ी के आरोप में थाना तालकटोरा पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए युवक की पहचान स्प्रिंग ग्रीन अपार्टमेंट, फैजाबाद रोड निवासी कुमार राजे के रूप में हुई है। मामला तब खुला जब ईडी ने संपत्ति की बिक्री को लेकर मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस अब पूरे प्रकरण की गहन जांच कर रही है।
बैंक घोटाले में जब्त की गई थी संपत्ति
यह संपत्ति बैंक का पैसा हड़पने के मामले में जब्त की गई थी। साल 2016 में प्रवर्तन निदेशालय ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत राजाजीपुरम के ए ब्लॉक स्थित इस भूमि को कब्जे में लिया था। आरोपियों को इस मामले में तीन साल की सजा भी हो चुकी है। ईडी ने साल 2017 में उप निबंधक, सदर कार्यालय को लिखित रूप से सूचित किया था कि इस संपत्ति की खरीद-फरोख्त पर रोक है।
फर्जी कागजात से बेची 1.30 करोड़ की संपत्ति
इसके बावजूद आरोपी कुमार राजे ने अपनी मां ममता सिन्हा के साथ मिलकर फरवरी 2024 में एक उपहार विलेख तैयार किया और जनवरी 2025 में यह संपत्ति 1.30 करोड़ रुपए में विनय कुमार गुप्ता और बृजेश कुमार गुप्ता के नाम रजिस्ट्री करा दी। इस दौरान ईडी की जब्ती का तथ्य पूरी तरह छिपाया गया और नकली दस्तावेजों के जरिए सौदा किया गया।
अदालत का आदेश और गिरफ्तारी
बैंक घोटाले के इस मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने जून 2024 में ममता सिन्हा, सौरभ साहू और अश्विनी कुमार को दोषी ठहराते हुए तीन साल की सजा सुनाई थी। साथ ही, अदालत ने इस संपत्ति को केंद्र सरकार के पक्ष में जब्त करने का आदेश भी दिया था। इसके बावजूद नियमों की अनदेखी कर संपत्ति बेचे जाने के बाद ईडी ने मामला दर्ज कराया और पुलिस ने कुमार राजे को गिरफ्तार कर लिया।