अब नहीं चलेगी चोरी-छिपे शादी, सरकार ने कसे नियम, फैमिली की मंजूरी ज़रूरी,
जानिए क्या-क्या हुआ बदला
26 days ago
Written By: Ashwani Tiwari
Uttar Pradesh News: सरकार ने विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाने के लिए नए नियम लागू किए हैं। पहले विवाह पंजीकरण एक सामान्य कानूनी प्रक्रिया मानी जाती थी, लेकिन अब इसे महिला सुरक्षा और सामाजिक जवाबदेही से जोड़ा गया है। हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है, जिसके बाद सरकार ने विवाह पंजीकरण को लेकर कुछ अनिवार्य नियम बना दिए हैं। अब बिना परिवार की सहमति के शादी पंजीकरण नहीं हो सकेगा। इस फैसले से अवैध और गुपचुप शादियों पर लगाम लगाई जा सकेगी।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद हुए बदलाव
शाहजहांपुर के सब-रजिस्ट्रार सदर अरुण गुप्ता ने बताया कि हाल के समय में कई ऐसे मामले सामने आए थे, जिनमें युवक-युवतियां परिवार की जानकारी या सहमति के बिना शादी कर पंजीकरण करा लेते थे। इसे देखते हुए जून 2025 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक सख्त आदेश पारित किया। अब विवाह पंजीकरण के समय वर और वधू दोनों के परिवार वालों की उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। यदि परिवार वाले नहीं आ सकते, तो विवाह कराने वाले पुरोहित को मौजूद रहना होगा।
विवाह के वीडियो की पेन ड्राइव भी जरूरी
अब विवाह पंजीकरण के लिए यह भी जरूरी हो गया है कि विवाह धार्मिक रीति-रिवाज से मंदिर या धार्मिक स्थल पर हो। विवाह की पूरी प्रक्रिया का वीडियो बनाकर उसे पेन ड्राइव में पंजीकरण अधिकारी को देना होगा। यह वीडियो रिकॉर्ड पंजीकरण कार्यालय में सुरक्षित रखा जाएगा। इसका उद्देश्य विवाह की प्रमाणिकता की पुष्टि करना है।
पुरोहित के लिए भी सख्त नियम
विवाह पंजीकरण के समय यदि पुरोहित उपस्थित होते हैं, तो उन्हें एक शपथ पत्र देना होगा। इसमें उनका नाम, पिता का नाम, स्थायी और वर्तमान पता, आधार कार्ड की कॉपी, एक अन्य पहचान पत्र, मोबाइल नंबर और पासपोर्ट साइज फोटो शामिल करना होगा। इसके साथ ही, पुरोहित को यह भी लिखित में देना होगा कि उन्होंने वर-वधू का विवाह संपन्न कराया है।
नए नियमों से पारदर्शिता बढ़ेगी
इन नए नियमों से विवाह प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद हो जाएगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित होगा कि विवाह दोनों परिवारों की जानकारी और सहमति से हो। सरकार के इस फैसले को महिला सुरक्षा और समाज की दृष्टि से एक अहम कदम माना जा रहा है।