मऊ में फिर फर्जी शिक्षकों का खुलासा… 42 पर FIR, 72 पर गिरी गाज,
अफसर भी फंसे
23 days ago
Written By: Ashwani Tiwari
Uttar Pradesh News: मऊ ज़िले के सरकारी और एडेड स्कूलों में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जांच में पता चला कि यहां 42 शिक्षक फर्जी दस्तावेज लगाकर सालों से नौकरी कर रहे थे। इनके अलावा कुल 72 लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ है, जिनमें 20 स्कूल प्रबंधक, तीन तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी, तीन पर्यवेक्षक और शिक्षा विभाग के तीन अधिकारी भी शामिल हैं। समाज कल्याण विभाग की तहरीर पर मऊ कोतवाली में केस दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। मामले ने जिले के शिक्षा तंत्र की पोल खोल दी है और अन्य जिलों में भी जांच चल रही है। जानें क्या है पूरा मामला।
कैसे हुआ खुलासा
मऊ ज़िले के एडेड और सरकारी स्कूलों की समाज कल्याण विभाग द्वारा जांच चल रही थी। इसी दौरान पता चला कि कई शिक्षक जाली डिग्री और प्रमाणपत्रों के आधार पर पढ़ा रहे हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी रश्मि मिश्रा ने 42 फर्जी शिक्षकों सहित कुल 72 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया। आरोपियों में फतेहपुर मंडाव और घोसी के तत्कालीन बीएसए-एबीएसए और मोहम्मदाबाद गोहना के तत्कालीन बीईओ भी शामिल हैं। मऊ के एसपी इलामारन ने पुष्टि करते हुए बताया कि रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
पहले भी हो चुका है बड़ा घोटाला
यह पहली बार नहीं है जब मऊ जिले में फर्जी शिक्षकों का मामला सामने आया हो। साल 2020 में कस्तूरबा गांधी विद्यालय में अनामिका शुक्ला के नाम से फर्जी नौकरी का मामला उजागर हुआ था। इससे पहले मऊ में 64 फर्जी शिक्षक पकड़े गए थे, जिन्होंने जाली दस्तावेज़ों के जरिए नौकरी हासिल की थी। इन लोगों ने न सिर्फ सरकारी नौकरी पाई बल्कि करोड़ों रुपये का वेतन भी लिया और बाद में गायब हो गए।
जिले में मचा हड़कंप
इस ताज़ा खुलासे के बाद शिक्षा विभाग और स्कूल प्रबंधन में हड़कंप मचा है। पुलिस अब सभी आरोपियों के दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि अगर अन्य जिलों में भी ऐसे मामले पाए गए तो वहां भी सख्त कार्रवाई होगी।