नींद में था स्टाफ, तड़पता रहा मरीज, मेरठ मेडिकल कॉलेज में इलाज नहीं,
लापरवाही से गई सुनील की जान
1 months ago
Written By: Ashwani Tiwari
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के मेरठ मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक दर्दनाक लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां इलाज के इंतजार में एक घायल युवक ने दम तोड़ दिया। यह घटना रविवार रात की है, जब हादसे में गंभीर रूप से घायल 30 वर्षीय सुनील कुमार को परिजन लेकर अस्पताल पहुंचे। लेकिन इमरजेंसी वार्ड में मौजूद डॉक्टर और स्टाफ गहरी नींद में सोते रहे। बार-बार जगाने के बावजूद किसी ने समय पर इलाज शुरू नहीं किया। आखिरकार, सोमवार सुबह सुनील की मौत अस्पताल के बेड पर हो गई।
हादसे के बाद अस्पताल लाए गए थे सुनील
सुनील मेरठ के सरधना क्षेत्र के हसनपुर कला गांव के रहने वाले थे। रविवार रात करीब 12 बजे वे पैदल होटल की ओर जा रहे थे, तभी सिसौली गांव के पास किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में सुनील गंभीर रूप से घायल हो गए। रात करीब 12:30 बजे उन्हें मेरठ मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया।
नींद में सोता रहा अस्पताल का स्टाफ
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद वे डॉक्टरों और स्टाफ को कई बार जगाने की कोशिश करते रहे, लेकिन किसी ने गंभीरता से मरीज को नहीं देखा। एक पैर की सिर्फ ऊपर-ऊपर से पट्टी कर दी गई, जबकि दूसरे पैर से लगातार खून बहता रहा। परिजन बार-बार गुहार लगाते रहे, लेकिन डॉक्टरों की बेरुखी ने सुनील की जान ले ली।
मौत के बाद मचा हंगामा, वीडियो वायरल
सुबह जब सुनील ने दम तोड़ दिया, तो परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। उन्होंने डॉक्टरों पर लापरवाही और अमानवीय व्यवहार का आरोप लगाया। गांव के प्रधान ने बताया कि रात 3 बजे अस्पताल पहुंचे तो स्टाफ अभी भी नींद में था। यह पूरी घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया।
CMO ने पहले टाल दिया, फिर की कार्रवाई
माछरा गांव के प्रधान ने बताया कि उन्होंने खुद CMO डॉ. अशोक कटारिया से बात की, लेकिन उन्होंने यह कहकर जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया कि यह मामला उनके क्षेत्राधिकार में नहीं आता। लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद विभाग में हलचल मच गई और मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने तत्काल ऑर्थोपेडिक्स विभाग के दो डॉक्टर डॉ. अनिकेत और डॉ. भूपेश राय को सस्पेंड कर दिया।
जांच के आदेश और पीड़ित परिवार की मांग
CMO डॉ. कटारिया ने अब मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और एक समिति गठित कर दी गई है। सुनील के पिता अशोक कुमार ने कहा कि उनका बेटा जख्मी हालत में था, लेकिन डॉक्टरों ने कोई इलाज नहीं किया। अब परिजन न्याय और सरकार से आर्थिक मदद की मांग कर रहे हैं। यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि सरकारी अस्पतालों की बदहाली और जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।