यूपी के इस जिले में निरस्त हो सकते हैं 1 लाख 93 हजार राशन कार्ड,
एक क्लिक में जानें क्या हैं प्रमुख कारण !
1 months ago
Written By: आदित्य कुमार वर्मा
उत्तर प्रदेश के हाथरस जनपद में फर्जीवाड़े पर लगाम कसने और सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए राशन कार्ड धारकों की ई-केवाईसी (इलेक्ट्रॉनिक नो योर कंज्यूमर) कराई जा रही है। जिले में अब तक लगभग 9 लाख यूनिट की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है, लेकिन 1.93 लाख यूनिट अब भी इस प्रक्रिया से वंचित हैं। शासन ने पहले 30 जून तक का समय दिया था, लेकिन बड़ी संख्या में पात्र लाभार्थियों के छूट जाने के चलते अब यह तारीख बढ़ाकर 31 अगस्त 2025 कर दी गई है।
राशन से वंचित हो सकते हैं कार्ड धारक
जनपद में कुल 2 लाख 90 हजार राशन कार्डों में 11 लाख यूनिट दर्ज हैं। इनमें से अधिकांश की ई-केवाईसी तो हो चुकी है, मगर जो 1.93 लाख यूनिट बचे हैं, वे अगर समय रहते अपनी पहचान सत्यापित नहीं कराते, तो उन्हें राशन वितरण से हमेशा के लिए वंचित किया जा सकता है।
बाहर रहने वालों को बड़ी चुनौती
शुरुआती दिनों में लोग ई-केवाईसी को लेकर काफी उत्साहित दिखे, लेकिन जैसे-जैसे समय बीता, कई घरों के सदस्य दिल्ली और अन्य राज्यों में रहने के कारण यह प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके। वहीं, राशन वितरण के समय सॉफ्टवेयर पर लोड अधिक होने की वजह से ई-केवाईसी का कार्य रोकना पड़ा। 10 अगस्त तक राशन वितरण की अवधि में ई-केवाईसी नहीं हो पाएगी, लेकिन इसके बाद प्रक्रिया दोबारा शुरू की जाएगी।
अब देश में कहीं से भी हो सकेगी ई-केवाईसी
स्थिति को देखते हुए शासन ने नई व्यवस्था लागू की है। अब कार्ड धारक देश के किसी भी शहर में रहकर वहीं से अपनी ई-केवाईसी करा सकते हैं। हालांकि सर्वर पर लोड अधिक होने से काम की गति धीमी है, जिससे विभाग को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कोटेदारों को दिए गए विशेष निर्देश
शासन शत-प्रतिशत ई-केवाईसी पर जोर दे रहा है। इसके लिए कोटेदारों को विशेष निर्देश दिए गए हैं और कई ने निजी स्तर पर युवकों की मदद लेकर कार्य में तेजी लाने की कोशिश की है। वहीं ध्रवराज यादव, जिला आपूर्ति अधिकारी ने बताया है कि, “सर्वर पर लोड अधिक रहने से ई-केवाईसी का कार्य ठप रहता है, लेकिन कोशिश की जा रही है कि सभी लाभार्थियों की समय पर केवाईसी हो जाए।”