महाकाल के दर्शन के बाद बोले राजा भैया– सनातन धर्म पर अब भी जारी हैं हमले,
हर हिंदू को बनना होगा सजग
1 months ago
Written By: Ashwani Tiwari
Uttar Pradesh News: श्रावण मास में उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में शुक्रवार को एक विशेष दृश्य देखने को मिला, जब उत्तर प्रदेश के कुंडा से विधायक और पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचे। उन्होंने चांदी द्वार से भगवान महाकाल का पूजन किया और दर्शन के बाद मीडिया से खुलकर बातचीत की। इस दौरान राजा भैया ने सनातन धर्म, जातिवाद, सामाजिक कुरीतियों और धर्मांतरण जैसे गंभीर विषयों पर बेबाक राय रखी और हिंदू समाज से जागरूक होने की अपील की।
सनातन धर्म पर हमले और धर्मांतरण को बताया खतरा
राजा भैया ने कहा कि आज भी सनातन धर्म पर हमले हो रहे हैं और धर्मांतरण की गतिविधियां समाज को कमजोर कर रही हैं। उन्होंने कहा कि साधु-संत समाज को जागरूक कर रहे हैं, लेकिन अब केवल उन्हीं पर निर्भर रहना काफी नहीं। हर हिंदू परिवार को अपने बच्चों को धर्म और संस्कारों की शिक्षा देनी चाहिए, ताकि वे अपनी संस्कृति को समझें और उसका सम्मान करें।
बागेश्वर धाम का किया तारीफ
राजा भैया ने जातिवाद को सनातन धर्म के लिए सबसे खतरनाक बताया। उन्होंने कहा कि जाति का जहर समाज को बांट रहा है और इससे छुटकारा पाना ज़रूरी है। उन्होंने बागेश्वरधाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सराहना करते हुए कहा कि वे पूरे देश में घूमकर हिंदू समाज को जोड़ने का कार्य कर रहे हैं और लोगों को धर्म की सच्ची भावना समझा रहे हैं।
मोबाइल-इंटरनेट के उपयोग को बताया जिम्मेदारी की बात
राजा भैया ने बच्चों में बढ़ती मोबाइल की लत पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मोबाइल और इंटरनेट का इस्तेमाल अच्छा या बुरा हो सकता है, ये इस पर निर्भर करता है कि उपयोग कैसे किया जा रहा है। जैसे गाड़ी चलाना ड्राइवर की जिम्मेदारी है, वैसे ही तकनीक का इस्तेमाल भी समझदारी से होना चाहिए।
धर्म और राष्ट्र के लिए समर्पण की अपील
राजा भैया ने कहा कि भारत पर सदियों से हमले होते रहे हैं, कभी धर्म के नाम पर कभी आक्रमणों के जरिए। मंदिरों को तोड़ा गया, लोगों की हत्या हुई और हमारी आस्था को नुकसान पहुंचाने की कोशिशें होती रहीं। ऐसे में अब समय आ गया है कि भगवान से सिर्फ निजी इच्छाओं के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र, समाज और धर्म की रक्षा के लिए भी प्रार्थना करें।