60 साल बाद बहन-भाई का मिलन, पोते ने दादी को मेले में बिछड़े भाई से मिलवाया,
रक्षाबंधन बना यादगार
23 days ago
Written By: Ashwani Tiwari
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है। 60 साल पहले मेले में अपने परिवार से बिछड़ी बालेश देवी उर्फ मुन्नी देवी अब आखिरकार अपने घर लौट आई हैं। इस रक्षाबंधन पर वह अपने बड़े भाई जगदीश सिंह को पहली बार राखी बांधेंगी। इतने लंबे समय बाद बहन को सामने देख भाई की आंखों में खुशी के आंसू आ गए। परिवार में खुशी का माहौल है और पूरे गांव में इस मिलन की चर्चा हो रही है। बूढ़ी दादी को देखने के लिए लोग उनके घर पहुंच रहे हैं।
गंगा स्नान मेले में हुई थी जुदाई
बिजनौर कोतवाली शहर क्षेत्र के कंभोर गांव की रहने वाली बालेश देवी, जिनका अब नाम रेशमा देवी है, करीब 60 साल पहले अपने भतीजे नरेश सिंह के मुंडन संस्कार में परिवार के साथ गंगा स्नान मेले में गई थीं। उस समय उनकी उम्र केवल 9 साल थी। मेले में अचानक हुए हंगामे के बीच वह परिवार से बिछड़ गईं। उनके अनुसार, एक महिला ने उनका हाथ पकड़ा और उन्हें किसी दूसरे व्यक्ति को सौंप दिया। बाद में वे लोग उन्हें फर्रुखाबाद ले गए और सरोली गांव के अमन सिंह से उनकी शादी कर दी।
कई बार जताई घर लौटने की इच्छा
मुन्नी देवी ने कई बार अपने पति और ससुराल वालों से बिजनौर जाकर अपने मायके वालों से मिलने की इच्छा जताई, लेकिन किसी डर के कारण उन्हें कभी वहां नहीं ले जाया गया। इस बीच फर्रुखाबाद के एक संतानहीन दंपति ने उनका पालन-पोषण किया। धीरे-धीरे समय बीतता गया और 60 साल का लंबा फासला बन गया।
पोते ने पूरी की दादी की ख्वाहिश
मुन्नी देवी के पोते प्रशांत ने दादी की कहानी सुनी और उनके पैतृक घर को ढूंढने का निश्चय किया। दो दिन पहले वह बिजनौर के कंभोर गांव पहुंचे और वहां मुन्नी देवी के भाई जगदीश सिंह से मिले। प्रशांत ने फोन पर वीडियो कॉल के जरिए दादी और उनके भाई की मुलाकात कराई। यह देखकर दोनों भावुक हो गए।
भाई के घर लौटी बहन
वीडियो कॉल के बाद भाई जगदीश सिंह ने अपनी बहन को घर बुला लिया। अब 60 साल बाद भाई-बहन एक साथ हैं और रक्षाबंधन पर बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधेंगी। पूरे परिवार में उत्साह है और यह मिलन गांव में चर्चा का विषय बन गया है।