भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह के पोस्टर-बैनर हटाओ, चुनाव आयोग ने दिया आदेश,
सपा सांसद मंगेतर बनीं इसकी वजह
30 days ago
Written By: Ashwani Tiwari
Uttar Pradesh News: भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह को उत्तर प्रदेश के मतदाता जागरूकता अभियान स्वीप (सिस्टमैटिक वोटर्स एजुकेशन एंड इलेक्टोरल पार्टिसिपेशन) से हटा दिया गया है। चुनाव आयोग ने इस संबंध में जिला प्रशासन को पत्र भेजते हुए निर्देश दिए हैं कि रिंकू सिंह से जुड़ी सभी प्रचार सामग्री, जैसे कि पोस्टर, बैनर, होर्डिंग्स, वीडियो और वेबसाइट से जुड़ी चीजें तत्काल हटाई जाएं। यह कार्रवाई रिंकू सिंह की समाजवादी पार्टी की मछलीशहर सांसद प्रिया सरोज से सगाई के बाद की गई है।
सभी जिलों को मिले निर्देश
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने जानकारी दी कि निर्वाचन आयोग से प्राप्त निर्देशों के बाद सभी जिलों के उप जिलाधिकारियों, निर्वाचन अधिकारियों और स्वीप टीम को निर्देश भेजे गए हैं। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि रिंकू सिंह से जुड़ी हर प्रचार सामग्री को हटाना अनिवार्य है। इस काम की जिम्मेदारी अधीनस्थ अधिकारियों को दी गई है और निगरानी की जा रही है कि आदेश का पालन हो।
राजनीतिक सगाई बनी वजह
चुनाव आयोग का तर्क है कि चूंकि रिंकू सिंह की सगाई एक सक्रिय राजनीतिक नेता से हुई है, इसलिए उनका चेहरा या नाम चुनाव से जुड़ी किसी प्रचार सामग्री में उपयोग करना निष्पक्षता के खिलाफ माना जाएगा। इससे मतदान प्रक्रिया पर राजनीतिक पक्षपात का प्रभाव पड़ सकता है। रिंकू सिंह को पहले यूपी सरकार ने स्वीप अभियान का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया था और उनकी तस्वीरें मतदाता जागरूकता से जुड़ी विभिन्न जगहों पर दिख रही थीं।
सगाई के बाद हुआ बदलाव
जून 2025 में रिंकू सिंह और सपा सांसद प्रिया सरोज की सगाई की खबरें सामने आई थीं। लखनऊ के एक फाइव स्टार होटल में हुए इस समारोह में सपा प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई नेता और क्रिकेटर शामिल हुए थे। इसके बाद चुनाव आयोग ने तुरंत निर्णय लिया कि स्वीप अभियान की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए रिंकू सिंह को हटाया जाए।
निष्पक्ष चुनाव की दिशा में कदम
चुनाव आयोग का यह फैसला साफ तौर पर दर्शाता है कि मतदाता जागरूकता अभियान किसी भी राजनीतिक प्रभाव से मुक्त रहना चाहिए। स्वीप अभियान का उद्देश्य है कि सभी नागरिक स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से मतदान करें, और इसके लिए ऐसे सख्त कदम उठाना जरूरी माना जा रहा है।