जान गंवाने से पहले बहन ने दिया ऐसा उपहार,
हमेशा राखी से सजी रहेगी भाई की कलाई
22 days ago
Written By: Ashwani Tiwari
Raksha Bandhan Special: वलसाड में इस बार रक्षाबंधन का पर्व कुछ अलग ही था। 14 साल के शिवम की आंखों में आंसू थे, जब 16 साल की अनमता अहमद मुंबई से सिर्फ उसकी कलाई पर राखी बांधने आई। लेकिन इस राखी की डोर एक और गहरे रिश्ते से जुड़ी थी अनमता का दाहिना हाथ, जो कभी शिवम की बहन रिया का था। पिछले साल ब्रेन हैमरेज से रिया का निधन हो गया था, और उसके परिवार ने उसका अंगदान कर कई लोगों की जिंदगी बदल दी।
करंट हादसे ने बदल दी जिंदगी
तीन साल पहले, उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में अपने रिश्तेदार के घर की छत पर खेलते समय अनमता हाई-टेंशन तार की चपेट में आ गई। गंभीर झुलसने के कारण उसका दाहिना हाथ काटना पड़ा। तब वलसाड के मिस्त्री परिवार ने रिया का हाथ, गुर्दे, लीवर, फेफड़े, कॉर्निया और बायां हाथ दान करने का फैसला किया। इस कदम से आठ लोगों को नया जीवन मिला, और रिया का हाथ अनमता तक पहुंचा।
दुनिया की सबसे कम उम्र की हाथ प्रत्यारोपण रिसीवर
डॉक्टरों के मुताबिक, कंधे के स्तर पर हाथ ट्रांसप्लांट पाने वाली दुनिया की सबसे कम उम्र की रिसीवर अनमता ही है। पिछले सितंबर में रिया को ब्रेन-डेड घोषित किए जाने के बाद यह कठिन सर्जरी हुई थी। शुक्रवार को तिथल बीच रोड पर दोनों परिवार एक भावुक रक्षाबंधन समारोह में मिले। मिस्त्री परिवार ने अनमता को गले लगाया और खुशी के आंसू बहाए।
रिया की मां के लिए बेटी का लौटना
रिया की मां तृष्णा ने कहा, “जब मैंने अनमता का हाथ थामा, तो लगा जैसे मेरी रिया वापस आ गई हो। दर्द की जगह अब उसके लिए स्नेह है। अनमता अब मेरी भी बेटी है और रिया हमेशा उसमें जीवित रहेगी।”
शिवम और अनमता का नया रिश्ता
शिवम ने कहा कि उसके हाथ रिया जैसे ही थे, बनावट तक। लगा जैसे मैंने रिया को देख लिया। यह परंपरा अब जिंदगी भर चलेगी। अनमता ने भी स्वीकार किया कि मैं रिया से कभी नहीं मिली, लेकिन उसने मेरा जीवन पूरा कर दिया। मैं उससे गहरा जुड़ाव महसूस करती हूं।