चार-चार बॉयफ्रेंड रखने वाली लड़कियां नहीं बसाएंगी घर, नहीं तो होगा नीला ड्रम जैसा अंजाम,
प्रेमानंद महाराज के समर्थन में साध्वी प्राची
25 days ago
Written By: Ashwani Tiwari
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में हिंदूवादी नेत्री साध्वी प्राची ने एक बार फिर अपने विवादित बयानों से सुर्खियां बटोरी हैं। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने लड़कियों के सोशल मीडिया इस्तेमाल, खासकर इंस्टाग्राम पर आपत्ति जताई और कहा कि जो लड़कियां चार-चार बॉयफ्रेंड बनाएंगी, वो घर नहीं बसाएंगी, बल्कि उनका हाल नीले ड्रम जैसा होगा। उन्होंने दावा किया कि आजकल की युवतियां इंस्टाग्राम पर अश्लीलता फैलाकर पैसे कमाने की होड़ में हैं, जो समाज और संस्कृति के लिए खतरा है।
इंस्टाग्राम को बताया अश्लीलता का अड्डा
साध्वी प्राची ने साफ शब्दों में कहा कि अगर बेटियों को बचाना है, तो उन्हें इंस्टाग्राम से दूर रखा जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्लेटफॉर्म पर लड़कियां अश्लील कंटेंट डाल रही हैं और समाज को गुमराह कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सावन जैसे पवित्र महीने में भी सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो वायरल हो रहे हैं, जो शर्मनाक हैं और भारतीय संस्कृति के खिलाफ हैं।
प्रेमानंद महाराज और दीदी मां के बयान का समर्थन
प्रेस वार्ता के दौरान साध्वी प्राची ने स्वामी प्रेमानंद जी महाराज और दीदी मां के हालिया बयानों का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने जो कुछ भी कहा, वह बिल्कुल सच है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि मेरठ का नीला ड्रम कांड, मुस्कान और सोनम रघुवंशी जैसे मामलों में चार-चार प्रेमी होने की वजह से ही ऐसा अंजाम हुआ। उन्होंने दोहराया कि भारतीय संस्कृति में पति को परमेश्वर माना गया है और यही आदर्श है।
धर्मांतरण कराने वालों पर दी फांसी की मांग
साध्वी प्राची ने अवैध धर्मांतरण रैकेट के आरोपित छांगुर बाबा पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को चौराहे पर फांसी दे देनी चाहिए, क्योंकि वे हिंदुस्तान में रहकर हिंदू बेटियों का धर्म बदलवा रहे हैं। उन्होंने इसे देशद्रोह बताया और कहा कि ऐसे लोगों को समाज से खत्म कर देना चाहिए।
बयान पर मिली-जुली प्रतिक्रिया
साध्वी प्राची के इन बयानों को लेकर समाज में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोग उनके विचारों का समर्थन कर रहे हैं और इसे 'संस्कृति की रक्षा' बता रहे हैं, वहीं कई लोग इसे महिलाओं के प्रति अपमानजनक, कट्टर और अतिवादी सोच बता रहे हैं।