संभल हिंसा: मस्जिद सर्वे विवाद में सांसद जियाउर्रहमान बर्क समेत 24 को समन,
कई आरोपी फरार, गैर-जमानती वारंट की तैयारी
28 days ago
Written By: Ashwani Tiwari
Uttar Pradesh News: संभल हिंसा मामले में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। मस्जिद के सर्वे के विरोध में हुई हिंसा के मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट (अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट) ने समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क, मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष (सदर) जफर अली समेत कुल 24 लोगों को समन जारी किया है। कोर्ट ने सभी आरोपियों को 8 अगस्त 2025 को हाजिर होने का आदेश दिया है। लेकिन सूत्रों के अनुसार, सांसद समेत छह आरोपियों को अभी तक समन तामील नहीं हुए हैं। बताया जा रहा है कि समन मिलने से बचने के लिए कई आरोपी भूमिगत हो गए हैं। अगर वे 8 अगस्त को कोर्ट में पेश नहीं होते हैं, तो उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी हो सकता है।
सांसद को बताया गया मास्टरमाइंड
इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस ने अब तक दर्ज किए गए 12 में से 11 मुकदमों में चार्जशीट दाखिल कर दी है। कुल 1100 पन्नों की इस चार्जशीट में सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क को हिंसा का मुख्य सूत्रधार बताया गया है। पुलिस का कहना है कि सांसद ने भड़काऊ भाषण देकर भीड़ को उकसाया, जिससे हालात बेकाबू हो गए। वहीं, मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली पर पुलिस को गुमराह करने और फर्जी साक्ष्य देने के आरोप लगाए गए हैं। अन्य आरोपियों पर सरकारी काम में बाधा डालने, जानलेवा हमला करने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और आपराधिक साजिश रचने जैसे गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
जमानत और कोर्ट की अगली कार्यवाही
फिलहाल सांसद बर्क की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट से स्थगनादेश मिला हुआ है, जिससे उन्हें राहत मिली है। वहीं, जफर अली को मार्च 2025 में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन वह अब जमानत पर बाहर हैं। पुलिस का कहना है कि अब इस केस की नियमित सुनवाई कोर्ट में शुरू की जाएगी, जिसमें सभी आरोपियों की भूमिका की जांच की जाएगी।
सुहैल इकबाल को मिली क्लीन चिट
हिंसा के बाद पुलिस ने सात प्राथमिकी दर्ज की थीं। इनमें एक एफआईआर में सपा विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहैल इकबाल को भी नामजद किया गया था। इसके साथ ही 700 से 800 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया था। हालांकि जांच के बाद पुलिस ने सुहैल को आरोपमुक्त कर क्लीन चिट दे दी है।
24 नवंबर को भड़की थी हिंसा
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब 19 नवंबर 2024 को सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की अदालत में हरि हर मंदिर के दावे को लेकर वाद दायर किया गया। इसके बाद 24 नवंबर को जब सर्वे की कार्रवाई की जा रही थी, तभी माहौल बिगड़ गया और हिंसा भड़क उठी। इस हिंसा में चार लोगों की जान चली गई थी, जबकि 30 से ज्यादा पुलिसकर्मी और अधिकारी घायल हुए थे। अब इस बहुचर्चित मामले में 8 अगस्त को कोर्ट में क्या होता है, इस पर पूरे जिले की नजरें टिकी हुई हैं।