बालकनाथ नहीं, निकला बाबा बंगाली...
शामली में 15 साल से साधु के भेष में रह रहा इमामुद्दीन गिरफ्तार
27 days ago
Written By: Ashwani Tiwari
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के शामली जिले के थानाभवन क्षेत्र स्थित मंटी हसनपुर गांव के शनि मंदिर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक मुस्लिम व्यक्ति पिछले दो सालों से हिंदू साधु बनकर मंदिर में रह रहा था। गांववाले उसे बाबा बंगाली या बालकनाथ के नाम से जानते थे। शनिवार रात सूचना मिलने पर पुलिस ने मंदिर में दबिश दी और उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान 55 वर्षीय इमामुद्दीन अंसारी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले का रहने वाला है।
पुलिस को मंदिर में छिपे फर्जी साधु की सूचना मिली थी
शनिवार रात पुलिस को सूचना मिली कि मंदिर में रह रहा बाबा दरअसल मुस्लिम है और उसकी पहचान फर्जी है। पुलिस ने रात में ही शनि मंदिर में दबिश दी और बाबा बंगाली उर्फ बालकनाथ को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान उसके पास से तीन आधार कार्ड और एक पैन कार्ड मिले।
बनाया फर्जी नाम और पता, मंदिर निर्माण के लिए ली जमीन
बरामद दस्तावेजों में एक आधार कार्ड पर उसका नाम बंगाली नाथ केयर ऑफ कमलनाथ और पता लक्ष्मी नारायण मंदिर, सहारनपुर लिखा था। वहीं अन्य दस्तावेजों में उसका असली नाम इमामुद्दीन अंसारी और पता पश्चिम बंगाल अंकित है। उसने गांव के प्रधान से मंदिर निर्माण के लिए जमीन ली थी और गांववालों से चंदा इकट्ठा करके मंदिर भी बनवा लिया था।
पूरी तरह निभा रहा था साधु की भूमिका
इमामुद्दीन मंदिर में रहकर नियमित पूजा-पाठ करता था और हिंदू रीति-रिवाजों का पालन करता था। गांववालों को कभी भी उस पर शक नहीं हुआ। बताया जा रहा है कि वह करीब 15 साल पहले काम की तलाश में पश्चिम बंगाल से उत्तर भारत आया था और सहारनपुर में बाबा कमलनाथ के संपर्क में आया।
धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज और भावनाएं आहत करने का मामला दर्ज
पुलिस अधीक्षक रामसेवक गौतम ने बताया कि आरोपी के खिलाफ फर्जी दस्तावेज बनाने, धोखाधड़ी और धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में केस दर्ज किया गया है। उसे कोर्ट में पेश कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
पश्चिम बंगाल भेजी गई टीम, पृष्ठभूमि की जांच जारी
पुलिस ने आरोपी के मूल पते की जांच और पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की पुष्टि के लिए एक टीम पश्चिम बंगाल भेजी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि उसे आधार कार्ड में नाम बदलवाने में किसने मदद की और क्या वह किसी संगठित साजिश का हिस्सा है।
हर एंगल से हो रही जांच, पुलिस सतर्क
फिलहाल इमामुद्दीन की कोई आपत्तिजनक गतिविधि सामने नहीं आई है, लेकिन पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है। इस घटना के सामने आने के बाद प्रशासन और जांच एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और अन्य धार्मिक स्थलों पर भी निगरानी बढ़ाई जा रही है।