यूपी के इस जिले में फर्जी शिक्षकों का भंडाफोड़, अब तक 72 बर्खास्त,
18 गिरफ्तार, जांच जारी
30 days ago
Written By: Ashwani Tiwari
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी शिक्षक बनने के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा अब तक 72 ऐसे शिक्षकों को बर्खास्त किया जा चुका है जो जाली प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरी कर रहे थे। इनमें से 18 शिक्षकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि बाकी आरोपी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है। जिले में लगातार हो रही इस तरह की कार्रवाइयों से शिक्षा विभाग की भर्ती प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जून में पकड़े गए थे 13 फर्जी शिक्षक
बुधवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने जिले के परिषदीय स्कूलों में तैनात छह और शिक्षकों को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी करने के आरोप में बर्खास्त कर दिया। इससे पहले इसी साल जून में जमुनहा और हरिहरपुररानी क्षेत्र के अलग-अलग स्कूलों से 13 ऐसे फर्जी शिक्षकों को पकड़ा गया था। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि 2016 की भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई थी।
दूसरों के प्रमाणपत्रों का किया गया गलत इस्तेमाल
जांच में सामने आया कि कई शिक्षकों ने या तो दूसरों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल किया या पूरी तरह से जाली दस्तावेज बनवाकर सरकारी नौकरी हासिल की। इसके बाद विभाग ने दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया तेज की और जिनके प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की गई।
गिरफ्तारियों के साथ-साथ वेतन वसूली की भी कार्रवाई
अब तक 72 में से 18 फर्जी शिक्षकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनके खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। वहीं, अभी 54 और शिक्षकों की जांच चल रही है, जिनके दस्तावेज संदेह के घेरे में हैं। बर्खास्त किए गए शिक्षकों से वेतन की रिकवरी की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
सभी शिक्षकों के दस्तावेजों का दोबारा होगा सत्यापन
BSA ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के दस्तावेजों का दोबारा सत्यापन करें। इस पूरे मामले ने जिले में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग तेज हो गई है।