अल्पसंख्यक दांव पर कांग्रेस-सपा एकजुट, उमर अंसारी की गिरफ्तारी को बना रहे मुद्दा,
BJP का पलटवार- मुस्लिम वोटों के लिए रच रहा नाटक विपक्ष
25 days ago
Written By: Ashwani Tiwari
UP Politics: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज होती जा रही है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी जैसे विपक्षी दलों ने तैयारियों का मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस जहां बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने में जुटी है, वहीं मुस्लिम वोटबैंक को साधने की रणनीति पर भी खुलकर काम हो रहा है। इसी बीच माफिया मुख्तार अंसारी के बेटे उमर अंसारी की गिरफ्तारी ने राजनीतिक विवाद को और बढ़ा दिया है। कांग्रेस ने इसे अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न से जोड़ा है और सरकार पर सीधा हमला बोला है। वहीं समाजवादी पार्टी भी इस मुद्दे को लेकर हमलावर है।
कांग्रेस का संगठन सृजन अभियान और मुस्लिम कार्ड
कांग्रेस ने मिशन-2027 की तैयारियों में संगठन सृजन महाअभियान के जरिए हर बूथ पर अपनी पकड़ मजबूत करने का फैसला किया है। इसके साथ ही पार्टी ने मुस्लिम समुदाय को साथ लाने की कोशिशें भी तेज कर दी हैं। उमर अंसारी की गिरफ्तारी को कांग्रेस ने इस रणनीति का हिस्सा बनाया है। यूपी कांग्रेस के संगठन महामंत्री अनिल यादव और सांसद इमरान मसूद ने योगी सरकार को मुस्लिम विरोधी करार दिया। उनका कहना है कि कांग्रेस राहुल गांधी के नेतृत्व में अल्पसंख्यकों, दलितों और पिछड़ों के हक के लिए सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ेगी।
भाजपा पर असली मुद्दों से भटकाने का आरोप
सिर्फ कांग्रेस ही नहीं, समाजवादी पार्टी भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि सरकार जानबूझकर झूठे मुकदमे गढ़कर युवाओं की बेरोजगारी और महंगाई जैसे असली मुद्दों से ध्यान भटका रही है। विपक्षी दलों का मानना है कि उमर अंसारी की गिरफ्तारी सियासी बदले की कार्रवाई है।
भाजपा ने विपक्ष को घेरा
वहीं भाजपा ने विपक्ष के इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। भाजपा प्रवक्ता हीरो बाजपेयी ने कहा कि कांग्रेस और सपा मुस्लिम वोटों के लिए एकजुट हो रहे हैं और अपराधियों की पैरवी कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जनता विपक्ष की सच्चाई समझ चुकी है और 2027 में भी भाजपा ही सत्ता में वापस आएगी।