10 हजार की नौकरी, लेकिन नाम पर 27 करोड़ का बिजनेस,
GST नोटिस ने खोला फर्जीवाड़े का राज
29 days ago
Written By: Ashwani Tiwari
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के बदायूं से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक रामबाबू, जो एक मेडिकल स्टोर में सेल्समैन की नौकरी करता है, उसे अचानक 4.82 करोड़ रुपये का CGST (सेंट्रल गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स) का नोटिस मिल गया। रामबाबू की महीने की सैलरी महज 10 हजार रुपये है। जब नोटिस उसके घर पहुंचा, तो परिवार के होश उड़ गए। बाद में पता चला कि किसी ने रामबाबू के पैन और आधार कार्ड का गलत इस्तेमाल करके उसके नाम पर फर्जी कंपनी खोल दी और 27 करोड़ रुपये का ऑनलाइन व्यापार कर डाला।
कैसे हुआ फ्रॉड रामबाबू ने बताई पूरी कहानी
रामबाबू के अनुसार, करीब एक साल पहले वह ऑनलाइन नौकरी की तलाश कर रहा था। तभी एक युवती ने उससे संपर्क किया और नौकरी दिलाने का वादा किया। उसने रामबाबू से आधार और पैन कार्ड की कॉपी मांगी। कुछ दिनों तक युवती का फोन चलता रहा लेकिन फिर बंद हो गया। नौकरी न मिलने पर रामबाबू ने एक मेडिकल स्टोर पर सेल्समैन की नौकरी पकड़ ली। अब जब CGST विभाग के इंस्पेक्टर उसके घर पहुंचे और नोटिस थमाया, तो सारा मामला सामने आया।
परिवार की हालत बेहद कमजोर पिता ने जताई नाराजगी
रामबाबू के पिता ने कहा कि अगर बेटा करोड़ों का व्यापारी होता तो इस कच्चे घर में नहीं रह रहा होता। वो बड़ी मुश्किल से D.Pharma कर सका और अब मेडिकल स्टोर में नौकरी कर रहा है। घर की हालत ऐसी है कि अभी तक प्लास्टर तक नहीं हुआ, बेटियां शादी लायक हो गई हैं, और जैसे-तैसे खेती-बाड़ी से गुजारा चलता है।
कानूनी विशेषज्ञ बोले– बिना जांच के हो गया रजिस्ट्रेशन
टैक्स मामलों के अधिवक्ता जितेंद्र गुप्ता ने बताया कि यह पूरा मामला धोखाधड़ी का है। रामबाबू के दस्तावेज लेकर किसी ने फर्जी फर्म बना ली। CGST विभाग ने बिना किसी ग्राउंड वेरिफिकेशन के रजिस्ट्रेशन दे दिया। अब रामबाबू पर करीब 5 करोड़ की टैक्स देनदारी निकल आई है। संभावना है कि आयकर विभाग भी नोटिस भेजे।
पुलिस और विभाग का क्या है रुख
सीजीएसटी विभाग ने इस मामले में कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। वहीं बदायूं पुलिस का कहना है कि पीड़ित की ओर से कोई शिकायत नहीं मिली है। अगर शिकायत मिलती है, तो मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।