यूपी के परिषदीय स्कूलों में तैनात होंगे जिला समन्वयक, सैलरी 40,000 रुपए महीना,
जानिए योग्यता और उम्र सीमा
1 months ago
Written By: Ashwani Tiwari
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए निपुण भारत मिशन को मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने निर्णय लिया है कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में संविदा के आधार पर एक जिला समन्वयक नियुक्त किया जाएगा, जो निपुण भारत मिशन के उद्देश्यों को जमीनी स्तर तक प्रभावी तरीके से लागू करेगा। इस फैसले को प्रदेश के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने में निभाएंगे अहम भूमिका
नवनियुक्त जिला समन्वयकों की जिम्मेदारी होगी कि वे परिषदीय स्कूलों में शिक्षण प्रक्रिया की निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि निपुण भारत मिशन के तहत निर्धारित शैक्षिक लक्ष्यों की प्राप्ति समयबद्ध और प्रभावी तरीके से हो। इसके लिए वे स्कूलों में जाकर बच्चों की पढ़ाई, शिक्षकों की शिक्षण शैली और कक्षाओं की स्थिति की समीक्षा करेंगे।
शिक्षकों को प्रशिक्षण और सहयोग भी देंगे समन्वयक
जिला समन्वयक केवल निगरानी ही नहीं करेंगे, बल्कि वे स्कूलों के शिक्षकों को प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग भी देंगे, जिससे वे बच्चों को बेहतर तरीके से पढ़ा सकें। इसके अलावा वे यह भी देखेंगे कि मिशन से जुड़ी योजनाएं, सामग्री और संसाधन स्कूलों तक समय पर पहुंच रहे हैं या नहीं।
स्थानीय स्तर पर मिशन का समन्वय होगा मजबूत
यह जिला समन्वयक शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर काम करेंगे। वे जिले में शिक्षा से जुड़ी चुनौतियों और समस्याओं को समझते हुए उनके समाधान में मदद करेंगे। इस कदम से स्थानीय स्तर पर निपुण भारत मिशन के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और गति आने की उम्मीद है।