उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव में अबकी बार 4608 वार्ड क्यों होंगे कम, जानिए वजह,
आपत्ति दर्ज कराने का आज है आखिरी मौका
26 days ago
Written By: Ashwani Tiwari
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियां ज़ोरों पर हैं। राज्य भर में ग्राम पंचायतों के वार्डों के पुनर्गठन और परिसीमन की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। इस बार शहरी क्षेत्रों के विस्तार और कई गांवों के एकीकृत होने के कारण पंचायतों में बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। खास बात यह है कि इन बदलावों के चलते ग्राम पंचायतों के कुल 4608 वार्ड कम हो जाएंगे। पंचायती राज विभाग के अनुसार, परिसीमन पर जनता की आपत्तियों और सुझावों को दर्ज कराने के लिए आज, 5 अगस्त 2025, अंतिम दिन है।
शहरीकरण और पुनर्गठन के कारण कम हुए वार्ड
पंचायती राज विभाग के अधिकारियों के अनुसार, शहरीकरण और प्रशासनिक बदलावों के चलते कई गांव अब नगर क्षेत्रों में शामिल कर दिए गए हैं। वहीं कुछ गांवों का विलय पास की अन्य ग्राम पंचायतों में कर दिया गया है। इस प्रक्रिया के कारण कई पंचायतों की सीमाएं बदली हैं, जिससे वार्डों की संख्या में कमी आई है। विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस बार प्रदेश भर में कुल 4608 ग्राम पंचायत वार्ड कम होंगे। इससे पंचायतों की संरचना में बदलाव होगा और चुनाव की प्रक्रिया भी थोड़ी बदली हुई नजर आएगी।
परिसीमन की प्रक्रिया अंतिम दौर में
ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत – तीनों स्तरों पर वार्डों का पुनर्गठन किया गया है। परिसीमन के मसौदे को अंतिम रूप देने से पहले विभाग ने जनता से सुझाव और आपत्तियां मांगी थीं। इसके लिए राज्य के सभी जिलों में विशेष टीमें बनाकर प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से पूरा किया गया है। आज यानी 5 अगस्त को आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तारीख है। जो भी नागरिक परिसीमन से असहमति रखते हैं या कोई सुझाव देना चाहते हैं, वे अपने जिला प्रशासन या पंचायत कार्यालय में शाम तक आवेदन दे सकते हैं।
आपत्तियों के बाद तैयार होगी अंतिम सूची
जिन लोगों ने अपनी आपत्तियां दी हैं, उनका निपटारा तय समय में किया जाएगा। विभाग का कहना है कि प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी ताकि भविष्य में कोई विवाद की स्थिति न बने। अंतिम सूची प्रकाशित होने के बाद चुनाव से संबंधित अन्य कार्य शुरू होंगे।
चुनाव की तैयारी में जुटा प्रशासन
जैसे ही परिसीमन की अंतिम सूची जारी होगी, पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज हो जाएंगी। मतदाता सूची का पुनरीक्षण और मतदान केंद्रों की व्यवस्था जैसे अहम काम शुरू कर दिए जाएंगे। विभाग ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि वे समय से अपने काम निपटाएं ताकि चुनाव में कोई देरी न हो।