गाजीपुर में आधी रात को 19 मिनट में 12 किमी दौड़ी पुलिस, मेटा अलर्ट से बची युवती की जान,
अस्पताल में मिली नई जिंदगी
19 days ago
Written By: Ashwani Tiwari
Uttar Pradesh News: गाजीपुर जिले में पुलिस की तेज़ कार्रवाई और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग की सजगता ने एक 21 वर्षीय युवती की जान बचा ली। 11 अगस्त की रात, सादात थाना क्षेत्र के कुन्दर्शीपुर गांव में रहने वाली युवती ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वह पानी में दवाइयां घोलकर पीते हुए दिखाई दी। वीडियो में उसने लिखा कि उसे जहर खाने के लिए मजबूर कर दिया गया। यह पोस्ट रात 11:34 बजे मेटा कंपनी के मॉनिटरिंग सिस्टम में दर्ज हुई, जिसने तुरंत लखनऊ पुलिस मुख्यालय के सोशल मीडिया सेंटर को ईमेल अलर्ट भेजा। डीजीपी ऑफिस की सजगता और गाजीपुर पुलिस की तेजी से यह जीवन बचाने का मिशन सफल हुआ।
अलर्ट मिलते ही 19 मिनट में पहुंची पुलिस
अलर्ट मिलते ही यूपी डीजीपी राजीव कृष्ण ने तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए। सोशल मीडिया सेंटर ने अलर्ट में दिए मोबाइल नंबर और लोकेशन का पता लगाकर गाजीपुर मीडिया सेल को सूचना दी, जिसने तुरंत थाना सादात को अलर्ट किया। थानाध्यक्ष महिला आरक्षियों और टीम के साथ मात्र 19 मिनट में युवती के घर पहुंच गए। पुलिस ने कमरे का दरवाजा खोला तो युवती चारपाई पर अचेत पड़ी थी। तुरंत उसे सादात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी जान बचा ली गई।
प्रेम संबंध टूटने से उठा खतरनाक कदम
होश में आने पर युवती ने बताया कि वह पहले दिल्ली में पानी सप्लाई का काम करती थी, जहां उसकी मुलाकात प्रयागराज के एक युवक से हुई और दोनों विवाह करना चाहते थे। नौकरी छूटने के बाद युवती अपने घर लौट आई, लेकिन कुछ समय बाद युवक ने रिश्ता तोड़ दिया। इसी मानसिक तनाव में उसने भारी मात्रा में दवाइयां खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। बता दें कि पुलिस ने युवती की काउंसलिंग की, जिसमें उसने भविष्य में ऐसा कदम न उठाने का वादा किया। परिजनों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई के लिए आभार जताया।
सोशल मीडिया और पुलिस का जीवनरक्षक नेटवर्क
वर्ष 2022 से उत्तर प्रदेश पुलिस और मेटा कंपनी के बीच एक विशेष व्यवस्था चल रही है, जिसके तहत फेसबुक या इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से जुड़ी पोस्ट आते ही पुलिस को तुरंत अलर्ट भेजा जाता है। 1 जनवरी 2023 से 10 अगस्त 2025 के बीच इस व्यवस्था से 1,241 लोगों की जान बचाई जा चुकी है। यह घटना फिर साबित करती है कि समय पर सूचना और त्वरित कार्रवाई से कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।