यूपी में अगस्त की बरसात ने तोड़ा रिकॉर्ड, 24 घंटे की ये चूक….
तो कर देगी दलहनी-तिलहनी फसलें बर्बाद
21 days ago
Written By: Ashwani Tiwari
Uttar Pradesh News: अगस्त महीने में उत्तर प्रदेश में हुई भारी बारिश किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। मौसम विभाग के अनुसार इस बार राज्य में अगस्त में सामान्य से 103% अधिक वर्षा दर्ज की गई। यहां अगस्त में बारिश का औसत 51.4 मिमी होता है, लेकिन इस साल 104.1 मिमी बारिश हुई। पूर्वी यूपी में 90% और पश्चिमी यूपी में 120% ज्यादा बारिश हुई। मुरादाबाद से प्रयागराज और बुलंदशहर तक गंगा नदी उफान पर है। यह बारिश विशेष रूप से दलहन और तिलहन जैसी फसलों के लिए बेहद नुकसानदायक साबित हो रही है, क्योंकि इनके पौधे नाजुक होते हैं और ज्यादा पानी सहन नहीं कर पाते।
दलहन-तिलहन फसलें क्यों हैं खतरे में
भारी बारिश में दलहन और तिलहन के पौधों की जड़ें गलने और सड़ने का खतरा बढ़ जाता है। कृषि विज्ञान केंद्र सुलतानपुर के वैज्ञानिक डॉ. सी. के. त्रिपाठी के अनुसार, अगर खेत में 24 घंटे तक पानी रुक जाए तो इन पौधों का नष्ट होना तय है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ उनकी फसल चक्र की योजना भी बिगड़ जाती है।
कैसे बचाएं फसलें
डॉ. त्रिपाठी का सुझाव है कि किसान अपने खेत में जल निकासी का उचित प्रबंध करें, ताकि पानी जमा न हो। जिन किसानों ने बरसात में उड़द, मूंग या तिल जैसी फसलें लगाई हैं, उन्हें सर्दियों में चना या मटर जैसी फसलें लगाने से बचना चाहिए। इसके बजाय रबी सीजन में अनाज, तिलहन या सब्जियों की खेती करनी चाहिए।
फसल चक्र अपनाना जरूरी
किसानों को फसल चक्र पर ध्यान देना चाहिए, यानी खेत में समय-समय पर फसलों का बदलाव करना चाहिए। इससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनी रहती है और उत्पादन बढ़ता है। इसके अलावा, यह तरीका बारिश के मौसम में पौधों की जड़ों को मजबूत बनाए रखता है, जिससे फसलें कठिन मौसम का सामना कर पाती हैं।