लखनऊ में STF की बड़ी कार्रवाई: डिजिटल अरेस्ट का झांसा देकर प्रोफेसर से ठगे 95 लाख,
यूपी STF ने महाराष्ट्र से दबोचे 2 साइबर ठग
1 months ago
Written By: Vinay Kumar Singh
Uttar Pradesh News: साइबर अपराध का नया चेहरा सामने आया है, जिसमें खुद को पुलिस अधिकारी बताकर एक प्रोफेसर से डिजिटल गिरफ्तारी के नाम पर 95 लाख रुपये की ठगी की गई। यह घटना तब सामने आई जब यूपी एसटीएफ ने ठगों को महाराष्ट्र के ठाणे से गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों ने वीडियो कॉल के ज़रिए खुद को अधिकारी बताते हुए एक झूठी जांच में फंसाने की धमकी दी थी। एसटीएफ की टीम ने दोनों आरोपियों से बैंक खाते और अन्य जरूरी साक्ष्य भी बरामद किए हैं।
डिजिटल अरेस्ट का बनाया झांसा
शिकायतकर्ता प्रोफेसर डॉ. बीएन सिंह ने बताया कि 6 अप्रैल 2025 को उन्हें दीपक श्रीवास्तव नाम के व्यक्ति का फोन आया। उस शख्स ने खुद को पुलिस अधिकारी बताया और कहा कि उनका एक अवैध पार्सल पकड़ा गया है जिसकी जांच नार्कोटिक्स विभाग कर रहा है। इसके बाद प्रोफेसर को वीडियो कॉल पर कुछ अन्य लोगों से मिलवाया गया, जिन्होंने पुलिस अधिकारी बनकर उनसे पूछताछ की।
जांच में सहयोग के नाम पर मांगे पैसे
प्रोफेसर को भरोसे में लेने के लिए ठगों ने कहा कि जांच पूरी होने तक इस बात को किसी से साझा न करें। साथ ही, उनसे जांच में सहयोग करने के लिए 95 लाख रुपये एक विशेष बैंक खाते में ट्रांसफर करने को कहा गया। डर और भ्रम के माहौल में प्रोफेसर ने इतनी बड़ी रकम ट्रांसफर कर दी। पैसा जाते ही उन्होंने समझ लिया कि वे ठगी का शिकार हो गए हैं।
STF की जांच में सामने आए आरोपी
मामले की शिकायत मिलते ही एसटीएफ के एएसपी विशाल विक्रम ने जांच शुरू की। जानकारी जुटाने के बाद उन्होंने महाराष्ट्र के ठाणे से मोहम्मद इकबाल और शाइन इकबाल को गिरफ्तार कर लिया। बता दें कि दोनों आरोपियों से पूछताछ के बाद जरूरी दस्तावेज़ और बैंक डिटेल्स बरामद कर ली गई हैं।