जहां हुआ था महाकुंभ, वहां अब बना जलसमंदर, चारों तरफ बाढ़ का फैला पानी,
21 जिलों के 972 गांव डूबे, 92820 लोग प्रभावित
26 days ago
Written By: Ashwani Tiwari
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। राज्य के 21 जिलों के 972 गांव और 96 वार्ड इस समय बाढ़ की चपेट में हैं। कुल मिलाकर 92,820 लोग बाढ़ से सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। सरकार ने राहत और बचाव के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। बाढ़ पीड़ितों के लिए कैंप लगाए गए हैं और राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। प्रशासन बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहा है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जल पुलिस राहत कार्यों में जुटी हुई हैं।
प्रयागराज में गंगा-यमुना का प्रकोप
प्रयागराज में स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है। यहां गंगा और यमुना दोनों नदियां उफान पर हैं। जिस संगम क्षेत्र में जनवरी में दिव्य और भव्य महाकुंभ का आयोजन हुआ था, वह इलाका अब पूरी तरह जलमग्न हो चुका है। ड्रोन कैमरे से ली गई तस्वीरों में मठ, मंदिर, झोपड़ियां और आरती स्थल सब पानी में डूबे नजर आ रहे हैं। जिले में ग्रामीण और शहरी इलाकों को मिलाकर 108 स्थानों पर बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। करीब 7000 लोग राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं। डीएम मनीष वर्मा खुद ग्राउंड पर मौजूद रहकर राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।
गंगा-यमुना समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर
राज्य भर में गंगा, यमुना, बेतवा, घाघरा, शारदा और गंडक नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। गंगा नदी बदायूं, प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी, गाजीपुर, बलिया और फर्रुखाबाद में खतरे के निशान को पार कर चुकी है। यमुना नदी औरैया, जालौन, हमीरपुर, बांदा और प्रयागराज में खतरे से ऊपर बह रही है। वहीं बेतवा, शारदा, घाघरा और गंडक नदियों का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश में औसतन 36.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है और 25 जिलों में भारी वर्षा हुई है।
प्रयागराज के 123 गांव और 54 वार्ड बाढ़ से घिरे
सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में मिर्जापुर पहले नंबर पर है, जहां 337 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। प्रयागराज दूसरे नंबर पर है जहां 123 गांव और 54 वार्ड डूब चुके हैं। नैनी और फाफामऊ इलाके में खेत और मकान पानी में डूब गए हैं। छोटा बघाड़ा और गंगापुर जैसे निचले इलाकों में भी पानी भर चुका है।
बलिया में भी हालात गंभीर
बलिया में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। निचले इलाकों में पानी घुस चुका है, जिससे लगभग 60 हजार लोग प्रभावित हैं। छात्राओं ने बताया कि नाव की व्यवस्था नहीं होने के कारण वे पांच दिनों से स्कूल नहीं जा पा रही हैं। राहत सामग्री भी अब तक सभी जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पाई है, जिससे लोगों की परेशानियां बढ़ रही हैं।