अब तो टिप-टिप नहीं, टपा-टप बरसेगा पानी, यूपी के 46 जिलों में होगी झमाझम बारिश,
15 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
27 days ago
Written By: Ashwani Tiwari
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश में मानसून पूरे जोर पर है और अब मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में और भी भारी बारिश देखने को मिलेगी। खासकर 4 अगस्त को पूरे राज्य में आसमान में काले बादल छाए रहेंगे और झमाझम बारिश होने की संभावना है। लखनऊ के अमौसी स्थित मौसम केंद्र के अनुसार, सोमवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी रहेगा। ऐसे में मौसम विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
46 जिलों में बारिश, 15 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 4 अगस्त को उत्तर प्रदेश के 46 जिलों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। इनमें से 15 जिलों में विशेष रूप से भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जिसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया गया है। इन जिलों में 80 से 160 मिलीमीटर तक बारिश होने की आशंका है। इससे निचले इलाकों में जलभराव और सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
इन जिलों में भारी बारिश और बिजली गिरने की संभावना
जिन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है उनमें आगरा, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं, हाथरस, मथुरा, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा, बलरामपुर और सिद्धार्थनगर शामिल हैं। इसके अलावा लखनऊ, कानपुर, अलीगढ़, मेरठ, अमेठी, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा, रामपुर और कई अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। साथ ही 60 जिलों में वज्रपात (आकाशीय बिजली) को लेकर भी चेतावनी दी गई है।
नोएडा-गाजियाबाद में भी सावधानी जरूरी
सावन के चौथे सोमवार को दिल्ली से सटे नोएडा और गाजियाबाद में भी अच्छी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि इन इलाकों में बारिश के कारण तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। मौसम विशेषज्ञ प्रोफेसर मनोज कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक, अगले 2 से 3 दिनों तक बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और अधिकतम तापमान 3 डिग्री तक गिर सकता है।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें। यदि निकलना जरूरी हो तो छाता या रेनकोट साथ रखें। बिजली गिरने के दौरान खुले मैदान, पेड़ या ऊंची जगहों से दूर रहें। किसान, मजदूर और स्कूली बच्चों के लिए विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।