वाराणसी में बन रही है पूर्वांचल की पहली ऐसी लाइब्रेरी, जो खुद बनाएगी अपनी बिजली-पानी...
जानिए क्या है खास
1 months ago
Written By: Ashwani Tiwari
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में अब एक ऐसी आधुनिक लाइब्रेरी बनने जा रही है, जो न सिर्फ स्टूडेंट्स के लिए उच्च स्तरीय सुविधाएं देगी, बल्कि पर्यावरण के लिहाज से भी मिसाल बनेगी। यह पूर्वांचल की पहली नेट जीरो एनर्जी आधारित लाइब्रेरी होगी, जो अपनी जरूरत की बिजली खुद पैदा करेगी और पानी की व्यवस्था भी खुद करेगी। यह हाईटेक लाइब्रेरी एलटी कॉलेज परिसर में पुराने जिला पुस्तकालय की जगह पर बनाई जाएगी। वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) ने इसके लिए योजना का खाका तैयार कर लिया है और निर्माण कार्य 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
छत पर लगेगा सोलर सिस्टम
इस लाइब्रेरी को पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल बनाया जाएगा। इसके लिए छत पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे, जिससे भवन की जरूरत की पूरी बिजली खुद तैयार होगी। वहीं पानी के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे वर्षा जल का संचयन कर उसका दोबारा उपयोग किया जाएगा। यूज वॉटर को भी रिसाइकिल किया जाएगा ताकि रोजाना के कार्यों में किसी बाहरी जल स्रोत की आवश्यकता न पड़े।
वीडीए और एनएचपीसी में हुआ एमओयू
लाइब्रेरी के निर्माण के लिए वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) और एनएचपीसी के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हो चुके हैं। वीडीए के उपाध्यक्ष पुलकित गर्ग ने जानकारी दी कि इस परियोजना पर कुल 20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पुराने भवन को पूरी तरह से नया रूप देकर अत्याधुनिक लाइब्रेरी में बदला जाएगा।
500 छात्रों की बैठने की होगी व्यवस्था
इस नई लाइब्रेरी में एक साथ 500 छात्रों के बैठने की सुविधा होगी। यहां पर 40 हजार से भी ज्यादा किताबें उपलब्ध कराई जाएंगी, जो विभिन्न विषयों से संबंधित होंगी। साथ ही एक कंप्यूटर लैब बनाई जाएगी जिसमें ऑडियो-वीडियो की सुविधाएं मौजूद होंगी। यहां मीटिंग हॉल और ग्रुप डिस्कशन रूम भी बनाया जाएगा।
वाराणसी पर आधारित किताबों का भी होगा खास कलेक्शन
इस हाईटेक लाइब्रेरी में बनारस की संस्कृति, कला और इतिहास से जुड़ी किताबों के लिए एक अलग रूम भी बनाया जाएगा। यहां वाराणसी की महान विभूतियों पर आधारित दुर्लभ पुस्तकों का संग्रह किया जाएगा ताकि शहर के इतिहास में रुचि रखने वाले लोग इसका अध्ययन कर सकें।